इसलिए मोदी के साथ हेलिकॉप्टर में थे शरीफ

इसलिए मोदी के साथ हेलिकॉप्टर में थे शरीफ

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नई दिल्ली 

modi-1-300x200प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जब पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को उनके जन्मदिन की बधाई देने के लिए काबुल से फोन किया था तो शरीफ ने कहा, ‘हमें भी कभी मेहमाननवाजी का मौका दीजिए।’ मोदी ने यह फोन भारतीय समय के मुताबिक सुबह 11.30 बजे किया था। इसके बाद मोदी अपने ऐतिहासिक दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे। कई लोगों ने मोदी की इस यात्रा को एक डिप्लोमैटिक मास्टरस्ट्रोक बताया। उनका मानना है कि दोनों मुल्कों के बीच बिगड़ते रिश्तों को सुधारने में इसका अहम रोल हो सकता है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि मोदी की पहले से यह इच्छा थी कि काबुल और इस्लामाबाद के दौरे को जोड़ा जाए। शरीफ उस समय लाहौर में थे और उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री को अपने रायविंद में पुश्तैनी घर में आमंत्रित किया था। हालांकि, शरीफ के इस आमंत्रण ने भारतीय अधिकारियों के बीच सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दी थीं। इकनॉमिक टाइम्स ने दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुए विचार-विमर्श की जानकारी रखने वाले सीनियर अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि दोनों पक्षों के बीच दो फोन कॉल्स पर पिट-स्टाप (थोड़ी देर के लिए रुकना) को कन्फर्म किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, जब शरीफ ने मोदी को पाकिस्तान आमंत्रित किया तो मोदी ने कहा कि वह इस्लामाबाद आना चाहते हैं, लेकिन आप तो लाहौर में हैं। शरीफ ने मोदी को बताया कि वह अपनी नतिनी की शादी के लिए लाहौर में हैं और उसी दिन इस्लामाबाद लौट नहीं सकते हैं। शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा, ‘आप लाहौर में घर आ जाइए। लाहौर के दरवाजे भी आप के लिए खुले हैं।’ फिर मोदी ने दिल्ली लौटने के दौरान लाहौर में रुकने को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अधिकारियों से बात की। अधिकारी लाहौर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम को लेकर चिंतित थे।

एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘लाहौर से अलग इस्लामाबाद में इंस्टिट्यूशनलाइज्ड सिक्यॉरिटी प्रोटोकॉल और वीवीआईपी विजिट्स के लिए पूरा सेटअप है, जिससे हमें अचानक की जाने वाली यात्रा को लेकर भी कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन एसपीजी के लिए लाहौर में अचानक पिट-स्टॉप एक बड़ी चुनौती थी।’

सूत्रों ने बताया कि पहली चिंता यह थी कि मोदी इंडियन एयरफोर्स के जिस प्लेन में काबुल से सफर कर रहे हैं, क्या संवेदनशीलता को देखते हुए उसे लाहौर में उतरने की इजाजत दी जाएगी। 1965 की लड़ाई के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने इस एरिया में बम गिराए थे। दूसरी चिंता यह थी कि मोदी को एयरपोर्ट से शरीफ के रायविंद पैलेस में जाने के लिए शहर के अहम ठिकानों से होकर 45 किलोमीटर का सफर सड़क से करना है। 2009 में लाहौर में ही श्रीलंका की क्रिकेट टीम की बस पर हमला हुआ था।

भारतीय अधिकारियों की चिंता से सहमति जताते हुए पाकिस्तान ने भरोसा दिलाया कि मोदी को लाहौर एयरपोर्ट पर पूरी सुरक्षा दी जाएगी और दोनों प्रधानमंत्रियों को पाक एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर के जरिए रायविंद ले जाएगा। बातचीत के दौरान ही शरीफ ने मोदी को बताया कि वह खुद एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि शरीफ का मोदी के साथ हेलिकॉप्टर में मौजूद रहना सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा आश्वासन था। इसके बाद मोदी ने लाहौर में उतरने को लेकर हामी भर दी और पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त टीसीए राघवन चार घंटे का सफर तय करके सीधे रायविंद पहुंचे क्योंकि उनके पास इतना समय नहीं था कि लाहौर एयरपोर्ट वक्त पर पहुंच पाते।

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