भारत को मिला ‘लादेन किलर’ अपाचे हेलिकॉप्‍टर

भारत को मिला ‘लादेन किलर’ अपाचे हेलिकॉप्‍टर

वाशिंगटन

भारतीय वायुसेना को ‘लादेन किलर’ के नाम से मशहूर अपाचे अटैक हेलिकॉप्‍टर मिलना शुरू हो गया है। अमेरिकी कंपनी बोइंग निर्मित AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्‍टर दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक हेलिकॉप्‍टर माने जाते हैं। अमेरिका के ऐरिजोना में भारतीय वायुसेना को पहला अपाचे हेलिकॉप्‍टर सौंपा गया। भारत ने अमेरिका से 22 अपाचे हेलिकॉप्‍टर खरीदने की डील की है। इस हेलिकॉप्‍टर के शामिल होने के साथ ही भारत अब अमेरिका की तरह पाकिस्‍तान में आसानी से आतंकी ठिकानों पर एयर स्‍ट्राइक को अंजाम दे सकता है।

अपाचे पहला ऐसा हेलिकॉप्‍टर है जो भारतीय सेना में विशुद्ध रूप से हमले करने का काम करेगा। भारतीय सेना रूस निर्मित एमआई-35 का इस्‍तेमाल वर्षों से कर रही है लेकिन यह अब रिटायरमेंट की कगार पर है। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुश्‍मन की किलेबंदी को भेदकर और उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है। इससे पीओके में आतंकी ठिकानों को असानी से तबाह किया जा सकेगा।

अपाचे युद्ध के समय गेम चेंजर
रक्षा विश्‍लेषकों का मानना है कि अपाचे युद्ध के समय ‘गेम चेंजर’ की भूमिका निभा सकता है। उन्‍होंने बताया कि अमेरिका ने ब्‍लैक हॉक और अपाचे हेलिकॉप्‍टर के अंदर कुछ बदलाव करके वर्ष 2011 में उसका इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान के अंदर घुसकर अलकायद चीफ ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए किया था। ओसामा के मारे जाने की पाकिस्‍तानी सेना को भनक तक नहीं लगी थी। आइए जानते हैं कि अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की क्‍या है खासियत और यह कैसे काम करता है…

1- Boeing AH-64E अमेरिकी सेना और अन्य अंतरराष्ट्रीय डिफेंस फोर्सेज़ के लिए सबसे अडवांस्ड लड़ाकू हेलिकॉप्टर है जोकि एक साथ कई कार्य करने में सक्षम है।

2- अमेरिका ने अपने इस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर को पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक के साथ दुश्मनों से लोहा लेने में इस्तेमाल किया। इजरायल भी लेबनान और गाजा पट्टी में अपने सैन्य ऑपरेशनों में इसी अटैक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है।

3- इस हेलिकॉप्टर को अमेरिकी सेना के अडवांस्ड अटैक हेलिकॉप्टर प्रोग्राम के लिए बनाया गया था। इसने पहली उड़ान साल 1975 में भरी, लेकिन इसे अमेरिकी सेना में साल 1986 में शामिल किया गया।

4- अमेरिका के अलावा इजरायल, इजिप्ट और नीदरलैंड की सेनाएं भी इस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करती हैं।

5- अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर में दो जनरल इलेक्ट्रिक T700 टर्बोशैफ्ट इंजन हैं और आगे की तरफ एक सेंसर फिट है जिसकी वजह से यह रात के अंधेरे में भी उड़ान भर सकता है। यह 365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। इतनी तेज गति होने की वजह से यह दुश्मन के टैंकों के परखच्चे आसानी से उड़ा सकता है।

6- अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हैं और दोनों तरफ 30mm की दो गनें हैं। इन मिसाइलों का पेलोड इतने तीव्र विस्फोटकों से भरा होता है कि दुश्मन का बच निकलना नामुमकिन होता है।

7- इसका वजन 5,165 किलोग्राम है और इसमें पायलटों के बैठने के लिए दो सीटें होती हैं। इस हेलिकॉप्टर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह युद्ध क्षेत्र की हर परिस्थिति में टिका रह सके।

8- अपाचे हेलिकॉप्टर का सबसे क्रांतिकारी फीचर है इसका हेल्मेट माउंटेड डिस्प्ले, इंटिग्रेटेड हेलमेट और डिस्प्ले साइटिंग सिस्टम (Integrated Helmet and Display Sighting System), जिसकी मदद से पायलट हेलिकॉप्टर में लगी ऑटोमैटिक M230 चेन गन को अपने दुश्मन पर टारगेट कर सकता है।

9- किसी भी तरह का मौसम हो, किसी भी तरह की परिस्थिति हो, अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर दुश्मनों को नहीं बख्शता।

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