1 ओवर में दिए 13 रन, दूसरे में दिलाई जीत

1 ओवर में दिए 13 रन, दूसरे में दिलाई जीत

- in खेल
0

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारत जीत का फेवरिट नहीं था। टीम इंडिया ने यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 250 रन ही टांगे थे। मैच के अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए सिर्फ 11 रन की दरकार थी। कंगारू टीम के लिए यहां एक और मजबूत पक्ष यह था कि उसके ऑलराउंडर खिलाड़ी मार्कस स्टोइनिस हाफ सेंचुरी जड़ चुके थे और अभी भी क्रीज पर सुरक्षित थे।

विराट ने यहां टीम के साथ सलाह-मशविरा कर मैच का फैसला करने की जिम्मेदार युवा ऑलराउंडर खिलाड़ी विजय शंकर को सौंप दी। स्टोइनिस स्ट्राइक पर थे। विजय शंकर का बोलिंग रेकॉर्ड अब तक ऐसा खास नहीं रहा था कि फैन्स उन पर यह भरोसा कर सकें कि वह भारत को जीत दिलाएंगे। इससे पहले इस मैच मैं विजय शंकर ने सिर्फ 1 ही ओवर फेंका था वह ऑस्ट्रेलिया पारी का 10वां ओवर था। उस ओवर में उन्हें (4 1 4 0 4 0) 13 रन पड़े थे।

नागपुर से पहले विजय शंकर ने टीम इंडिया के लिए 5 वनडे मैच खेले थे और इस दौरान उनकी जो पहचान बनी वह ऐसे बल्लेबाज खिलाड़ी के तौर पर बनी, जो मीडियम पेस बोलिंग भी कर सकता है। इस मैच से पहले विजय शंकर के बोलिंग आंकड़ों को देखें, तो वे भी प्रभावित नहीं करते। विजय ने इस मैच से पहले खेले 5 वनडे में 19 ओवर फेंककर कोई भी मेडन नहीं फेंका था और वह 100 रन खर्च कर चुके थे। अब तक उनके खाते में कोई विकेट भी नहीं आया था।

ऐसे में सब हैरान थे कि विराट कोहली ने आखिरी विजय शंकर पर ही क्यों भरोसा दिखाया, जबकि इस मैच में केदार जाधव 8 ओवर फेंक चुके थे और उन्होंने 4.12 की औसत से रन खर्च किए थे। जाधव ने तो यहां ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा का विकेट भी अपने नाम किया था। लेकिन विराट के फैसले के बाद जो हुआ, उसने फैन्स का दिल जीत लिया। इस बार विजय शंकर ने टीम के भरोसे पर खरा उतरकर यह मैच 8 रन से भारत की झोली में डाल दिया।

ऐसा रहा मैच के अंतिम ओवर का हाल…
49.1: स्टोइनिस को विजय शंकर, आउट :LBW! सीम पर फेंकी हुई गेंद, स्टोइनिस इसे पढ़ने में नाकाम। गेंद सीधा उनके पिछले पैर से जा टकराई। गेंद बिल्कुल विकेट के सामने। विजय और एमएस धोनी की अपील को अंपायर ने भी स्वीकार और स्टोइनिस आउट। स्टोइनिस ने यहां रिव्यू मांगा है, शायद गेंद पैर पर टकराने से पहले उनके बैट से लगी है। लेकिन अल्ट्रा ऐज पर ऐसा कुछ भी नहीं दिखा। अब हॉक आइ की बारी, अंपायर ने इसे आउट दिया है। अंपायर कॉल्स आउट, स्टोइनिस (52) वापस लौटते हुए।

49.2: शंकर एडम जाम्पा को, 2 रन। अब 4 बॉल बाकी और जीत के लिए 9 रन।
49.3: शंकर एक बार फिर जाम्पा को, OUT बोल्ड! विजय शंकर ने कर दिखाया। इस बार शानदार सटीक यॉर्कर बॉल, बिल्कुल ब्लॉकहॉल में। जांपा इस गेंद को रोक नहीं पाए। गेंद सीधे मिडल स्टंप पर जा लगी। भारत ने 8 रन से यह मैच अपने नाम कर लिया। यह भारत की 500वीं वनडे जीत भी है। टीम इंडिया के लिए ऐतिहासिक लम्हा।

यह मैच शंकर के लिए यादगार बना गया है। उन्होंने बैटिंग में 46 रन की उम्दा पारी खेली थी और विराट कोहली के साथ उस वक्त एक महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई जब टीम इंडिया दबाव में थी। शंकर तब थोड़े से दुर्भाग्यशाली रहे की वह रन आउट हो गए।

इस मैच में शंकर जब बैटिंग पर आए थे,, तब टीम का स्कोर 75/3 था। आज उन्हें एमएस धोनी और केदार जाधव से पहले खेलने का मौका मिला था। विजय ने कप्तान कोहली के साथ 81रन की उपयोगी साझेदारी की थी। 41 बॉल की इस पारी में उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का जमाया।

Leave a Reply