चित्रकूट: मासूमों के ‘कातिल’ ने जेल में दी जान, मासूमों के पिता बोले- सब मरेंगे

चित्रकूट: मासूमों के ‘कातिल’ ने जेल में दी जान, मासूमों के पिता बोले- सब मरेंगे

- in भोपाल/ म.प्र
0

सतना

मध्य प्रदेश की सतना केंद्रीय जेल में बंद एक 26 वर्षीय विचाराधीन कैदी ने मंगलवार सुबह जेल में फांसी लगाकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। मृतक चित्रकूट में जुड़वां बच्चों के अपहरण और हत्या के आरोप में जेल में बंद था। जिला पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने जेलकर्मियों के हवाले से बताया कि जेल में बंद आरोपी रामकेश यादव सुबह करीब 11 बजे मंदिर के पास बाहर निकले हुए लोहे के सरिये में फांसी का फंदा लगाकर झूल गया। कुछ कैदियों ने रामकेश को लटकता देख तुरंत नीचे उतारा और जेल अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद जेल में मौजूद चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रिफर कर दिया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही कैदी ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह जेल पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।

‘परिवारवालों को दी गई जानकारी’
इकबाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मृतक के परिवारवालों को सूचना दे दी है, जिनके आने के बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि फरवरी 2019 में चित्रकूट में पांच वर्षीय जुड़वां बच्चों के अपहरण और हत्याकांड के छह आरोपियों में से मुख्य आरोपियों में रामकेश यादव भी था, जिसने पूरी योजना बनाई और वारदात में अपहरण से लेकर हत्या तक शामिल रहा। यह आरोपी पीड़ित परिवार के घर में बच्चों को रोजाना शिक्षक के रूप में ट्यूशन पढ़ाने जाता था। इसने ही अपने भाई के माध्यम से बदमाशों की गैंग तैयार की थी और वारदात को अंजाम दिलवाया था। इस मामले के सभी छह आरोपी सतना केंद्रीय जेल में बंद थे।

मृतक बच्चों के पिता बोले- सब फांसी पर झूलेंगे
रामकेश की मौत की खबर पर बच्चों (श्रेयांश और प्रियांश) के पिता ब्रजेश रावत ने कहा, ‘भगवान कामतानाथ किसी को माफ नहीं करेंगे, जिन लोगों ने अबोध बच्चों को तड़पा-तड़पाकर मारा है, सब फांसी पर झूलेंगे।’

फिरौती देने के बावजूद कर दी थी हत्या
बता दें कि 12 फरवरी को सीतापुर कस्बे के तेल व्यापारी ब्रजेश रावत के दो जुड़वां बच्चों श्रेयांश और प्रियांश (6) को जानकीकुंड के एक पब्लिक स्कूल से घर लौटते वक्त स्कूली बस से अगवा कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने बच्चों को छोड़ने के एवज में तीस लाख की फिरौती मांगी थी। यह सौदा 20 लाख रुपये मे तय हो गया था। फिरौती की रकम पहुंचाने के बावजूद अपहरणकर्ताओं ने दोनों बच्चों को बांदा के कमासिन इलाके में यमुना नदी में डुबोकर मार डाला था। इस मामले मे सतना पुलिस ने पदम शुक्ला, आलोक उर्फ लकी, विक्रमसिंह,राजू द्विवेदी, रामकेश यादव और अपूर्व यादव को गिरफ्तार किया था।

Leave a Reply