ड्राइवर पर बरसा कैंडिडेट, गया CEO का पद!

ड्राइवर पर बरसा कैंडिडेट, गया CEO का पद!

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नई दिल्ली

मल्टिनैशनल कंपनी में सीईओ पद के लिए वह बिल्कुल उपयुक्त कैंडिडेट थे। बेहतर शैक्षिक योग्यता और इस तरह की कंपनी में काम करने के लिए पर्याप्त अनुभव भी उनके पास था। पर, अंतिम इंटरव्यू से ठीक पहले भारी बारिश में ट्रैफिक जाम के कारण वह अपना आपा खो बैठे और ड्राइवर पर बरस पड़े। बस इस छोटी सी गलती के कारण इतनी बड़ी कंपनी में सीईओ जैसा अहम पद उन्‍हें मिलते- मिलते रह गया।

दरअसल, ऑफिस पहुंचने के बाद ड्राइवर ने इस बात की शिकायत प्रबंधन को कर दी। इंटरव्यू के ठीक पहले ड्राइवर की इस शिकायत से पल में ही उपयुक्त कैंडिडेट को लेकर प्रबंधन के मन में धारणा बदल गई। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हंट पार्टनर्स कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर सुरेश रैना कहते हैं, ‘ड्राइवर की शिकायत को कंपनी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने सोचा कि अगर एक व्यक्ति बारिश और ट्रैफिक जाम से इतना परेशान हो सकता है तो फिर रोज- रोज की चुनौतियों का सामना कैसे करेगा। इतनी बड़ी कंपनी को आगे लेकर कैसे जा पाएगा। इतने कर्मचारियों से कैसे काम निकलवा पाएगा। और फिर कंपनी प्रबंधन ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया।’

रैना कहते हैं, ‘आजकल कंपनियां किसी भी अहम पद पर कैंडिडेट को चुनने से पहले उसके बारे में पूरी तहकीकात कर रही हैं। इसमें नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ लाइफस्टाइल और उसकी फिटनेस तक देख रही हैं।’

…और जब सोशल मीडिया के कारण गई नौकरी
कुछ साल पहले ही एक कंपनी ने निदेशक पद के लिए एक कैंडिडेट का चयन लगभग सुनिश्चित कर लिया था लेकिन नौकरी देने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर कैंडिडेट के पोस्ट्स ने उसकी नौकरी खतरे में डाल दी। सर्च फर्म ने कंपनी को कैंडिडेट के व्यवहार को लेकर आगाह किया। इसके बाद कंपनी ने उसके बारे में और गहरी पड़ताल शुरू की। इसके बाद कंपनी को मालूम चला कि वह कैंडिडेट ना सिर्फ शराब पीता है बल्कि सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणी भी करता है। इसके बाद कैंडिडेट की नौकरी चली गई।

अब शैक्षिक योग्यता के साथ लाइफस्टाइल भी अहम
एग्जिक्युटिव एक्सेस इंडिया के एमडी रोनेश पुरी कहते हैं, ‘बाजार में ब्रैंड का सम्मान बरकरार रहे, इसके लिए कंपनियां आजकल अहम पदों पर भर्ती से पहले कैंडिडेट के बारे में काफी पड़ताल कर रही हैं। कई बार ऐसी समस्याएं आई हैं जहां सीईओ या किसी अहम पद पर बैठा व्यक्ति शराब की लत या कर्मचारियों के साथ व्यवहार के कारण कंपनी के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर देता है। यही वजह है कि शैक्षिक योग्यता और अनुभव के साथ-साथ अब कंपनियां लाइफस्टाइल और फिटनेस दोनों को लेकर भी काफी सतर्क हैं।’

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