राजीव गांधी पर ‘भ्रष्टाचारी नंबर 1’ : EC ने पीएम मोदी को दी क्लीन चिट

राजीव गांधी पर ‘भ्रष्टाचारी नंबर 1’ : EC ने पीएम मोदी को दी क्लीन चिट

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नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव आयोग ने एक बार फिर राहत दी है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर वन कहने पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी. अब आयोग ने इस शिकायत पर कहा है कि प्रथम दृष्ट्या हमें इस मामले में किसी तरह का उल्लंघन नहीं दिखता. लिहाजा ये केस बंद किया जाता है. यानी इस मामले में भी उन्हें चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिलने की उम्मीद है.

इससे पहले भी चुनाव आयोग से पीएम मोदी की कई बार शिकायत की गई थी. हर बार उन्हें आयोग से क्लीन चिट मिली थी. विपक्षी दलों ने लगातार पीएम मोदी को क्लीन चिट मिलने पर सवाल भी उठाया था. इस बीच एक और क्लीन चिट के साथ विपक्ष को फिर मौका मिल गया है. खास बात ये है कि अब तक पीएम मोदी के खिलाफ उनके बयानों पर कांग्रेस उतनी हमलावर नहीं रही, जितनी कि राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी कहने पर हुई थी. आज प्रियंका गांधी ने भी मोदी के बयान पर तीखा हमला किया था.

इससे पहले गुजरात के पाटन में 21 अप्रैल को दिए भाषण पर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी. जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट पर आयोग को प्रधानमंत्री मोदी के इस भाषण में भी कोई खामी नहीं दिखी.

विपक्षी दल कांग्रेस ने अब तक पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की 11 शिकायतें दर्ज कराई थीं. आयोग उन्हें अनसुना करता रहा तो कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि हुज़ूर आप ही कुछ करें. आयोग तो सुनता ही नहीं. इसके बाद कोर्ट ने आयोग को झाड़ा कि आखिर आयोग अपनी शक्तियों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहा? कोर्ट ने सोमवार तक मोदी-शाह के खिलाफ दर्ज आचार संहिता उल्लंघन की सभी शिकायतों को निपटाने को कहा.

इसके बाद आयोग ने शिकायतों पर अपनी कुंडली ढीली की और दनादन फरमान आने लगे. सब में क्लीन चिट! पिछली सात शिकायतों में स्थानीय चुनाव प्रशासन की भेजी रिपोर्ट विपक्ष की शिकायतों और भाषणों की वीडियो रिकॉर्डिंग वाले सबूतों के बावजूद आयोग को किसी में कोई दम नज़र नहीं आया. इसी दौरान एक और खबर आई कि चुनाव आयोग में पीएम मोदी को लगातार क्लीन चिट देने में भी एक राय नहीं है.

जेटली का कांग्रेस को जवाब
पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों की EC से की जा रही शिकायतों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निशाना साधा है। उन्होंने अपने ब्लॉग पोस्ट में मंगलवार को कहा कि आदर्श आचार संहिता के कारण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने नया रुख अपना लिया है कि अपने विरोधियों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन का अधिक से अधिक आरोप लगाया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर बात में गलती ढूंढने वाली पार्टी बन गई है।

क्या कहा था मोदी ने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले शनिवार को एक चुनावी रैली में बोफोर्स घोटाले की तरफ इशारा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बिना नाम लिए हमला बोला था। मोदी ने कहा था, ‘आपके (राहुल गांधी) पिताजी को आपके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नंबर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया। नामदार यह अहंकार आपको खा जाएगा। यह देश गलतियां माफ करता है, मगर धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता।’

राहुल ने कहा, आपके कर्म इंतजार कर रहे हैं
पीएम के इस बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, ‘मोदीजी, लड़ाई खत्म हो चुकी है। आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं। खुद के बारे में अपनी आंतरिक सोच को मेरे पिता पर थोपना भी आपको नहीं बचा पाएगा। सप्रेम और झप्पी के साथ- राहुल।’ उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने शहीद (राजीव गांधी) का अपमान किया, मेरे परिवार के लिए उनके भीतर जितनी भी नफरत हो, मेरे भीतर उनके लिए केवल प्रेम है।

EC के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस
उधर, कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने दावा किया कि चुनाव आयोग इसका विश्लेषण करने में नाकाम रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कथित नफरत वाले भाषण गलत आचरण हैं और इससे धार्मिक आधार पर वैमनस्य की भावना फैल रही है। देव ने एक हलफनामे में मोदी और शाह के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों पर चुनाव आयोग के विभिन्न आदेशों को शीर्ष न्यायालय के सामने रखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग ने कुछ शिकायतों का निपटारा करते हुए इस अदालत द्वारा निर्धारित कानून का सरासर उल्लंघन करते हुए बिना कोई कारण बताए गूढ़ तरीके से आदेश पारित किया। इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 200 से अधिक अध्यापकों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर एक सार्वजनिक बयान जारी कर इसे अपमानजनक एवं असत्य बताया है।

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