‘कोहली में धोनी जैसी मैच पढ़ने की क्षमता नहीं’

‘कोहली में धोनी जैसी मैच पढ़ने की क्षमता नहीं’

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कोलकाता

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के कोच केशव रंजन बनर्जी का मानना है कि विराट कोहली भले ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हों लेकिन जब मैच में परिस्थितियां पढ़ने की बात आती है तो वह ‘माही’ से अब भी कुछ कदम पीछे हैं। देखा गया है कि डेथ ओवरों के दौरान कोहली के बजाय धोनी ही मैदान पर खिलाड़ियों को सजाते हैं।

बनर्जी ने एमएस धोनी क्रिकेट अकादमी क्लीनिक लांच के मौके पर ‘समर कैंप’ के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘जहां तक मैच की स्थितियों को पढ़ने और रणनीति बनाने की बात है तो धोनी की तुलना नहीं की जा सकती। यहां तक कि कोहली में भी यह कला नहीं है। इसलिये कोहली को कुछ सलाह लेने की जरूरत है। अगर धोनी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हों तो उनकी मदद के लिए कोई नहीं होगा।’ उन्होंने कहा, ‘‘विराट को अब भी कप्तान के तौर पर कुछ समय की जरूरत है और धोनी से सलाह से उसकी मदद ही होगी। ’भारत विश्व कप में अपने अभियान की शुरूआत पांच जून को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करेगा और कमजोर मध्यक्रम के बारे में काफी बातें की जा रही हैं, विशेषकर चौथे नंबर पर किसी विशेषज्ञ के नहीं होने पर।

बनर्जी की राय में चौथे नंबर की पहेली का जवाब धोनी हैं। भारत के 2011 विश्व कप विजेता कप्तान के बारे में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि विश्व कप में धोनी को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। यह फैसला टीम प्रबंधन का है लेकिन यह मेरी राय है। अगर वह चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता है तो उसके बाद बल्लेबाज खुलकर खेल सकते हैं।’उन्होंने कहा, ‘जब वह चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता है तो उसके पास कुछ समय क्रीज पर बिताकर खुलकर खेलने का होगा। लेकिन उसे पहली ही गेंद से हिट करना होगा, अगर वह पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करेगा तो उसे जोखिम उठाने होंगे।’

धोनी इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के दौरान 38 साल के हो जायेंगे और जब बनर्जी से पूछा गया कि उनका शिष्य विश्व कप के बाद संन्यास ले लेगा तो उन्होंने हंसकर इसे टाल दिया। उन्होंने कहा, ‘क्या आप चाहते हो कि वह संन्यास ले? क्या आपने उसका फिटनेस स्तर देखा है? फिटनेस ही मायने रखती है। लेकिन मैं उसके संन्यास लेने के बारे में कुछ नहीं कह सकता, न ही उसके पिता या पत्नी इस बारे में कुछ कह सकते हैं।’

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