भोपाल में साधुओं, भगवा रैली से प्रज्ञा ठाकुर को मात देंगे दिग्विजय सिंह?

भोपाल में साधुओं, भगवा रैली से प्रज्ञा ठाकुर को मात देंगे दिग्विजय सिंह?

- in भोपाल/ म.प्र
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भोपाल

जबतक इस भगवा भीड़ में पार्टी का झंडा नहीं देखेंगे तो आप समझ ही नहीं पाएंगे कि यह कांग्रेस की रैली है। सैकड़ों साधु, नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में भोपाल की सड़कों पर बटला एनकाउंटर को ‘फर्जी मुठभेड़’ बताने वाले कांग्रेस प्रत्याशी और राज्य के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के पक्ष में मार्च कर रहे थे। दिग्गी के इस दांव को बीजेपी के उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर की काट के रूप में देखा जा रहा है। इस मार्च के दौरान साधु राज्य के पूर्व सीएम के पक्ष में वोट मांग रहे थे।

दिग्विजय के प्रचार के लिए कांग्रेस का यह भगवा मार्च करीब एक घंटे चला। इस मार्च में साधुओं ने हाथों में पोस्टर लिया हुआ था, जिसमें लिखा था, ‘संतों की यही पुकार, बदल के रख दो चौकीदार’।बता दें कि दिग्विजय ने 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी मुठभेड़ बताया था। इस एनकाउंटर में इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकवादी मारे गए थे।

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बीजेपी दिग्विजय के पूर्व में दिए गए विवादास्पद बयानों का हवाला देकर उनको ऐंटी हिंदू बताती रही है। पार्टी ने भोपाल से प्रज्ञा ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा हिंदुत्व के नाम पर वोट मांग रही हैं। चुनाव प्रचार खत्म होने से दो दिन पहले साधुओं की रैली को दिग्विजय के काउंटर हमले के रूप में देखा जा रहा है।

इस मार्च के दौरान दिग्विजय कंप्यूटर बाबा के साथ-साथ चलते रहे। बता दें कि कंप्यूटर बाबा ने पिछले साल कुछ दिन बीजेपी का साथ देने का बाद वह कांग्रेस के पाले में आ गए थे। दिग्विजय को जब समर्थक माला पहनाना चाहते थे तो, वह उस माला को कंप्यूटर बाबा की तरफ घुमा देते थे।

मार्च के दौरान सड़कों पर भीड़ को संबोधित करते हुए साधु दिग्विजय को ‘धर्म प्रेमी, सदभावना प्रेमी’ बताते हुए उनसे एमपी के पूर्व सीएम को वोट देने और उन्हें जिताने की अपील कर रहे थे। साधु कह रहे थे कि दिग्विजय को वोट का मतलब पवित्र नर्मदा मैया और गाय माता का हित होगा। बता दें कि दिग्विजय सिंह ने 3,500 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा की थी। मार्च जब भोपाल की संकरी गलियों से गुजरती थी तो साधु लोगों से दिग्विजय के लिए वोट करने की अपील कर रहे थे। ताकि भोपाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा बरकरार रहे।

मार्च के दौरान एक जगह 10-12 युवा सड़क किनारे मोदी-मोदी का नारे लगाने लगे, हालांकि मार्च के दौरान उनकी आवाज अच्छे से सुनी नहीं जा सकी लेकिन उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया गया।

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