फडणवीस की प्रज्ञा को नसीहत, करकरे के खिलाफ नहीं देना चाहिए विवादित बयान

फडणवीस की प्रज्ञा को नसीहत, करकरे के खिलाफ नहीं देना चाहिए विवादित बयान

- in भोपाल/ म.प्र
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इंदौर

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला जोरदार है। मालेगांव ब्लास्ट मामले की आरोपी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह यहां मैदान में हैं। 26/11 मुंबई हमलों के वक्त मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा के बयान के साथ शुरू हुआ विवाद अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उधर, बीजेपी भी इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आने लगी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि साध्वी प्रज्ञा को करकरे के खिलाफ विवादित बयान नहीं देना चाहिए था।

कुछ ही दिनों पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा था, ‘उनका (हेमंत करकरे) ड्यूटी के दौरान निधन हुआ था, इसलिए उन्हें शहीद माना जाएगा।’ हालांकि, सुमित्रा महाजन ने बतौर एटीएस चीफ हेमंत करकरे की भूमिका पर शक भी जाहिर किया था। उधर, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के चलते हिंदू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने का आरोप लगाया।

‘करकरे ने नहीं इस्तेमाल किया हिंदू आतंकवाद शब्द’
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई हमलों में शहीद एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे ने अपने जीवनकाल में इस शब्द (हिंदू आतंकवाद) का कभी इस्तेमाल नहीं किया था। फडणवीस ने दोहराया कि मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर को करकरे के खिलाफ विवादास्पद बयान नहीं देना चाहिए था।

इन तीन नेताओं पर लगाया फडणवीस ने आरोप
फडणवीस ने एक सवाल पर कहा, ‘करकरे ने हिंदू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल कभी नहीं किया था। सबसे पहले इस शब्द का इस्तेमाल करने वाले तीन लोग थे- मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और (एनसीपी प्रमुख) शरद पवार।’ उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और महाराष्ट्र में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते ‘हिंदू आतंकवाद’ की अवधारणा उस समय खड़ी की, जब आतंकवाद निरोधक अभियानों में युवकों की बड़े पैमाने पर धर-पकड़ के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में इस पार्टी को लेकर काफी रोष था। तत्कालीन सरकारें इन गिरफ्तारियों को न्यायसंगत ठहराने में नाकाम रही थीं।

‘महाराष्ट्र नहीं पूरे देश में करकरे को शहीद मानती है BJP’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जहां तक करकरे का सवाल है, बीजेपी केवल महाराष्ट्र में नहीं बल्कि पूरे देश में उन्हें शहीद मानती है क्योंकि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जान दी है। बीजेपी पहले ही कह चुकी है कि वह करकरे को लेकर प्रज्ञा के (विवादास्पद) बयान से सहमत नहीं है। प्रज्ञा इस बयान को वापस लेकर माफी भी मांग चुकी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पहले भी बोल चुका हूं कि प्रज्ञा को करकरे को लेकर ऐसा (विवादास्पद) बयान नहीं देना चाहिए था।’

‘छानबीन कर रही है एनआईए’
मालेगांव विस्फोटों के गवाह और मध्य प्रदेश निवासी दिलीप पाटीदार के नवंबर 2018 में रहस्यमय तौर पर गुमशुदा होने के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने सधी प्रतिक्रिया में कहा, ‘एनआईए इस मामले की भी छानबीन कर रही है।’ पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें शहीद क्यूं नहीं मानेंगे?’

‘पीएम मोदी ने वास्तविकता बताई है’
उत्तर प्रदेश की हालिया चुनावी रैली में राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने जवाब दिया, ‘प्रधानमंत्री ने वास्तविकता बताई है। इस देश में बोफोर्स कांड की वास्तविकता को कोई नकार नहीं सकता। इस कांड के गड़े मुर्दे आज भी बाहर आ रहे हैं।’

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