दिल का दौरा पड़ने के बाद पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

दिल का दौरा पड़ने के बाद पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

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नई दिल्ली,

पूर्व विदेश मंत्री और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार को 67 साल की उम्र में निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने के बाद मंगलवार रात करीब सवा 10 बजे उन्हें दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनके निपटारे के लिए काफी लोकप्रिय रहीं सुषमा अपनी जिंदगी के आखिरी दिन भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहीं। दोपहर तीन बजे राजकीय सम्मान के साथ होगा सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार.

पीएम नरेन्द्र मोदी ने सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया- भारतीय राजनीति में एक शानदार अध्याय का समापन हो गया। भारत ऐसे नेता के निधन पर शोक व्यक्त करता है, जिन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा और गरीबों के जीवन को समर्पित किया। कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताया। दिल्ली के डेप्युटी CM मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी सुषमा स्वराज के निधन पर शोक जताया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सुषमा स्वराज के निधन पर जताया शोक.

श्रीमती सुषमा स्वराज के निधन से बहुत दुख हुआ है. देश ने अपनी एक अत्यंत प्रिय बेटी खोई है. सुषमा जी सार्वजनिक जीवन में गरिमा, साहस और निष्ठा की प्रतिमूर्ति थीं. लोगों की सहायता के लिए वे हमेशा तत्पर रहती थीं. उनकी सेवाओं के लिए सभी भारतीय उन्हें सदैव याद रखेंगे: राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द

अपनी मौत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने पर बधाई दी थी। उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा, ‘प्रधानमंत्री जी- आपका हार्दिक अभिनन्दन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।’ संयोग देखिए कि इस ट्वीट के कुछ घंटे बाद ही उनके निधन की खबर आई। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, हर्षवर्धन समेत बीजेपी के वरिष्ठ नेता AIIMS पहुंचने लगे हैं।

बता दें कि सुषमा स्वराज लंबे अर्से से बीमार चल रही थीं और उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था. बीमारी की वजह से ही उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा. 2014 में सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय का प्रभार मिला था. बीजेपी के शासन के दौरान सुषमा दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही थीं. उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था. 16वीं लोकसभा में वह मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद चुनी गई थीं। इस बार उन्होंने खराब स्वास्थ्य की वजह से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। विदेश मंत्री रहते हुए वह सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनके निपटारे के लिए काफी लोकप्रिय थीं। वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।

सुषमा स्वराज के नाम दर्ज हैं कई कीर्तिमान
14 फरवरी 1952 को जन्मीं सुषमा स्वराज के नाम कई कीर्तिमान हैं, जिसे अब देश याद करेगा. 1977 में जब वह 25 साल की थीं, तब वह भारत की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनी थीं. वह 1977 से 1979 तक सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे 8 मंत्रालय मिले थे. जिसके बाद 27 साल की उम्र में 1979 में वह हरियाणा में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनी थीं.

सुषमा स्वराज के नाम ही राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता होने का गौरव प्राप्त था. इसके अलावा सुषमा स्वराज पहली महिला मुख्यमंत्री, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विपक्ष की पहली महिला नेता थीं. इंदिरा गांधी के बाद सुषमा स्वराज दूसरी ऐसी महिला थीं, जिन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला था. बीते चार दशकों में वे 11 चुनाव लड़ीं, जिसमें तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़ीं और जीतीं. सुषमा सात बार सांसद रह चुकी थीं.

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