हाफिज सईद मानेगा पाकिस्तान के संविधान को, भारत की इस पर नजर

हाफिज सईद मानेगा पाकिस्तान के संविधान को, भारत की इस पर नजर

नई दिल्ली

कुछ दिन पहले ही इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की पार्टी के रजिस्ट्रेशन को हरी झंडी दी है। हाफिज की पार्टी मिली मुस्लिम लीग को भले ही कोर्ट से रजिस्ट्रेशन के लिए मंजूरी मिल गई हो, लेकिन पाकिस्तान के संविधान के दायरे में हाफिज के लिए आगे की राह मुश्किल है। पाकिस्तानी संविधान के अनुसार आतंकी हाफिज सईद के लिए राजनीति में आने और चुनाव लड़ने का रास्ता लगभग बंद है।

एक वरिष्ठ इंटेलिजेंस अधिकारी ने बताया, ‘सईद का पूरा फोकस कुरान, शरिया और अल्लाह के राज पर है। वह कई बार खुले आम कह चुका है कि वह अल्लाह के कानून का ही पालन करेगा और इंसानों के बनाए कानून पालन को लेकर उसके दिल में कोई सम्मान नहीं है।’ अधिकारी के अनुसार, हाफिज सईद अगर अपने इस बयान पर कायम रहा तो वह पाकिस्तान के संविधान और कानून को सर्वोच्च मानने से भी इनकार कर सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सईद का संगठन जमात-उद-दावा लाहौर में शरिया अदालतों के चलाने का काम करता है। पाकिस्तानी अखबार डॉन में 2016 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जमात-उ-दावा के द्वारा चलाए जा रहे शरिया कोर्ट का दावा है कि इससे नागरिकों को जल्दी न्याय मिल पाता है। शिकायत दाखिल करने, वॉरंट जारी होने और दूसरी औपचारिक प्रक्रियाओं में कोर्ट में काफी वक्त लगता है।

Leave a Reply