हाफिज सईद पर कसा शिकंजा, आतंकी फंडिंग मामले में केस दर्ज

हाफिज सईद पर कसा शिकंजा, आतंकी फंडिंग मामले में केस दर्ज

नई दिल्ली,

पाकिस्तान सरकार ने जमाद-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद और उसके तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने के मामले में मामला दर्ज किया है. पंजाब आतंकवाद निरोधक विभाग ने हाफिज के प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ यह कार्रवाई की है.

आतंकवाद निरोधक कानून के तहत पांच प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में दावातुल इरशाद ट्रस्ट, मोएज बिन जवाल ट्रस्ट, अल अनफाल ट्रस्ट, अल मदीना फाउंडेशन ट्रस्ट और अलहमाद ट्रस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इन मामलों में जिन्हें नामजद किया गया है, उनमें हाफिज सईद, अब्दुल रहमान मक्की, अमीर हमजा और मुहम्मद याहया अजीज शामिल हैं.

साथ ही पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने 26/11 मुबंई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ 23 मामले दर्ज किए हैं. साथ ही 12 अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को आर्थिक मदद देते थे.पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि भी की है. पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर बढ़ते अंतराष्ट्रीय दबाव के चलते मजबूरन पाकिस्तान यह कार्रवाई की है.

पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के मुताबिक 23 मामले हाफिस सईद के खिलाफ दर्ज किए गए हैं. साथ ही 12 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है जिन्होंने 5 संगठनों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के लिए पैसे जुटाए. इन संगठनों में दो प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा(जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को भी निशाना बनाया गया है.

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि इन संगठनों और व्यक्तियों की सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी और राज्य के कब्जे में ले ली जाएंगी.पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि इन संगठनों और व्यक्तियों की सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी और राज्य के कब्जे में ले ली जाएंगी. काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट का कहना है कि यह प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के हिसाब से ही लगाए गए हैं.

बता दें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है.हाफिज सईद अपने इन संगठनों के जरिए 300 धार्मिक शिक्षण संस्थान, स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विस चलाता है. हालांकि इन संगठनों पर पहले भी पाकिस्तान में कई बार बैन लगकर हट चुका है.

पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर चौतरफा दबाव पड़ रहा है. फरवरी में, पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जेयूडी जैसे आतंकवादी समूहों के फंडिंग को रोकने में असफल रहने के कारण पाकिस्तान को ‘ग्रे’ लिस्ट में जारी रखने का फैसला किया था.

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