बढ़ी LED बल्बों की मांग, 25 दिनों में 1 करोड़ बिके

बढ़ी LED बल्बों की मांग, 25 दिनों में 1 करोड़ बिके

- in कारपोरेट
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नयी दिल्ली

M_Id_478963_Narendra_Modi-300x200पिछले 25 दिनों में लोगों ने सीएफएल लाइट की जगह बिजली बचत वाले एक करोड़ एलईडी बल्ब को अपनाया है। केंद्र सरकार की सीएफएल लाइट की जगह एलईडी को अपनाने की स्कीम को कई राज्यों ने अपनाया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जनवरी को इस स्कीम की घोषणा की थी जिसका नाम डोमेस्टिक एफिशंट लाइटिंग प्रोग्राम (डीईएलपी) है। यह स्कीम राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में लागू हो चुकी है। इसके अलावा उत्तराखंड, झारखंड और कर्नाटक भी इस स्कीम में शामिल हुआ है जिससे चार करोड़ से ज्यादा सीएफएल की जगह एलईडी ने ले ली है।

इस स्कीम के तहत लोगों को सीएफएल लैंप को बदलने के लिए सब्सिडाइज्ड रेट पर एलईडी बल्ब प्रदान किए जाते हैं। इस कार्यक्रम को जुलाई में लॉन्च किया गया और 9 अगस्त तक एक करोड़ एलईडी तक पहुंच गया। लोगों ने स्कीम में जैसे ही फायदा देखा बदलाव की रफ्तार और तेज हो गई।  सरकारी कंपनियों द्वारा संचालित जॉइंट वेंचर एनर्जी एफिशंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) इस परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है।

सीएफएल के स्थान पर एलईडी अपनाने से 1.4 करोड़ यूनिट प्रति दिन बिजली की बचत हो रही है। इससे 1,326 मेगावाट की पीक डिमांड से बचने में भी सहायता मिली है और प्रति दिन 5.56 करोड़ रुपये की बचत होती है। साथ ही इसका सबसे बड़ा फायदा कार्बन उत्सर्जन में होने वाली भारी कटौती है।  ईईएसएल ने एलईडी बल्बों के दाम में 75 फीसदी तक कटौती करने में सफलता हासिल की है और यह फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया है। यह खुदरा मार्केट में भी इसके दाम को कम करने का प्रयास कर रहा है जो मौजूदा समय में 300 रुपये है ताकि इन बल्बों का मजबूत मार्केट बन सके।

तीन सालों तक किसी भी तरह का तकनीकी दोष होने पर ईईएसएल मुफ्त में खराब बल्ब को बदलने की सुविधा प्रदान करता है। एलईडी बल्ब को खराब होने पर इसे डिस्ट्रिब्यूशन सेंटरों या निर्धारित रिटेल स्टोरों पर बदला जा सकता है। शहर के अंदर स्थित किसी भी डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर पर इसको बदला जा सकता है।

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