काशी: सुंदरकांड से किटी पार्टी का अनूठा विरोध

काशी: सुंदरकांड से किटी पार्टी का अनूठा विरोध

वाराणसी

महिलाओं में आपसी संवाद के साथ सुख-दुख बांटने के लिए होने वाली किटी पार्टी के खिलाफ काशी में अनूठा विरोध शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) विचारधारा से जुड़े एक फाउंडेशन ने काशी में किटी पार्टी के खिलाफ गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस के सुंदरकांड के सहारे ‘कंठ क्रांति’ छेड़ दी है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी से इस अभियान को देशभर में ले जाने का लक्ष्य है। इस संगठन की अगुवाई करने वाली पायल लक्ष्मी सोनी का कहना है कि काशी के दो इलाकों में अभी तक सुंदरकांड पाठ का आयोजन करके गली-कूचे की महिलाओं को एक मंच पर लाने का काम हुआ है।

किटी पार्टी के खिलाफ सुंदरकांड ‘कंठ क्रांति’ की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर पहड़िया बेनीपुर, ओम नगर कॉलोनी में हुआ था। इस मौके पर आरएसएस के प्रचारक कृष्ण मोहन भी शामिल हुए थे। प्रमिला देवी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से किटी पार्टी के खिलाफ छेड़े गए इस अभियान की कड़ी में एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार सुंदरकांड पाठ का आयोजन सेनपुरा चेतगंज में किया गया। इसमें इस मोहल्ले के परिवारों के साथ ही आस-पड़ोस की माताओं और बहनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

‘किटी पार्टी ने किया महिलाओं को दिग्भ्रमित’ संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष पायल लक्ष्मी सोनी ने कहा, ‘समाज में फैल रहे किटी पार्टी कल्चर ने महिलाओं को दिग्भ्रमित कर दिया है। ऐसे में अपनी भारतीय संस्कृति को याद दिलाने के साथ-साथ संस्था का यह उद्देश्य भी है की अधिक से अधिक माताएं और बहनें अपनी जड़ों से जुड़ें। वाराणसी के साथ दूसरे शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी शाखाएं खोलने का विचार किया जा रहा है। आज का दौर एक क्रांति का है। इसमें संस्था सर्व समाज को साथ लेकर चलने के लिए प्रेरित करेगी। मेरा मकसद हर शनिवार दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक काशी की गली-गली में महिलाओं और बहनों की ओर से सुंदरकांड का सस्वर पाठ के आयोजन का है।’

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