PM मोदी ने जिस सोलो पौधे का किया जिक्र, जानें उसकी खूबियां

PM मोदी ने जिस सोलो पौधे का किया जिक्र, जानें उसकी खूबियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्‍छेद-370 (Article 370) हटाए जाने के बाद गुरुवार रात राष्‍ट्र के नाम संबोधन में सोलो पौधे का जिक्र किया. औषधीय गुणों वाला यह पौधा हिमालय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पाया जाता है. इस पौधे के चमत्कारिक औषधीय गुणों के कारण सोलो पंट को संजीवनी बूटी के समान माना जाता है. लेह में यह पौधा गोल्ड माइन और लेह बेरी के नाम से पहचाना जाता है.

पिछले साल लेह-लद्दाख में लगाया था बगीचा
सोलो पौधे के फल लेह बेरी से जूस, कैप्सूल, चाय, जैम और सेक्रीकॉट जूस तैयार किया जाता है. इनका इस्‍तेमाल हृदय संबंधी सभी बीमारियों और डायबिटीज से छुटकारा दिलाने के लिए किया जा सकता है. फिलहाल यह पौधा जंगली इलाकों में ज्‍यादा पाया जाता है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवपलमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) अंतरराष्‍ट्रीय संस्था इंटरनेशनल सेंटर फार इंटिग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के साथ मिलकर इस पौधे को बड़ी संख्‍या में उगाने के लिए काम कर रहा है. पिछले साल लेह-लद्दाख के 12,000 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सोलो पौधे लगाए गए थे.

रोजगार बढ़ने से रुकेगा युवाओं का पलायन
पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पैदा होने वाली जड़ी-बूटियों के देश-विदेश में प्रसार-प्रचार पर काम किया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो सोलो पौधों की खेती से लेह-लद्दाख के लोगों के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे, जिससे यहां से लोगों का पलायन रुकेगा. 4000 से 14000 फुट की ऊंचाई पर उगने वाले इस पौधे के फलों के चमत्कारिक गुणों के कारण यह संजीवनी बूटी के समान माना जाता है. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में इसकी खासी मांग है. इस फल का प्रसंस्करण करके जूस, चाय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की बिक्री के जरिये स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी.

कई बीमारियों में लाभदायक होता है लेह बेरी
सोलो पौधा जम्मू-कश्मीर के लेह, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम जैसे पर्वतीय राज्यों में उगता है. यह कैंसर, मधुमेह, यकृत की बीमारियों के लिए रामबाण है. एंटी आक्सिडेंट और तमाम विटामिनों से भरपूर यह फल बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोककर खून की कमी को दूर करने में मददगार है. इसके अलावा यह ग्लेशियर को पिघलने से रोकने और भू-क्षरण रोकने में भी सहायक है, जिससे यह जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने में भी कारगर है. लेह बेरी जूस में आंवले से ज्यादा विटामिन सी और भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है.

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