पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की तारीफ, अब सवालों से घिरे दिलीप!

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की तारीफ, अब सवालों से घिरे दिलीप!

- in भोपाल/ म.प्र
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भोपाल

man-ki-baat-300x212प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में तारीफ पाने वाले मध्‍य प्रदेश के 71 वर्षीय राजमिस्‍त्री दिलीप सिंह मालवीय के लिए एक नई मुसिबत खड़ी हो गई है। पीएम मोदी ने मालवीय की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने गांव भोजपुरा में मेहनताना लिए बगैर 100 शौचालय बनाए हैं। अब मालवीय पर यह साबित करने का दवाब है कि क्या सच में उन्होंने पैसे लिए बगैर इतने शौचालय बनाए हैं?

कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाए हैं कि सिर्फ 53 घरों वाले गांव में मालवीय ने 100 टॉइलट कैसे बना दिए?  अंग्रेजी अखबार ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भोजपुरा गांव कांग्रेस विधायक के क्षेत्र में आता है और जब उन्होंने इसके बारे में पता लगाया तो मालूम हुआ कि यहां सिर्फ 53 घर हैं। अब कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि मालवीय यहां 100 शौचालय कैसे बना सकते हैं?

हालांकि, इस बारे में पूछे जाने पर मालवीय का कहना है कि उन्होंने ये शौचालय पूरे मोहनपुर ग्राम पंचायत में बनवाए हैं, जिसमें उनका गांव भोजपुरा भी शामिल है। उनका कहना है कि इस ग्राम पंचायत में 4 गांव हैं और इस साल जुलाई से इन गांवों के अधिकांश शौचालय उन्होंने बनवाए हैं।  उन्होंने कहा, ‘मैंने गिनती नहीं की है कि मैं कितने शौचालय बना चुका हूं, क्योंकि मैंने यह काम किसी पुरस्कार या पैसे के लिए नहीं किया।’ कांग्रेस के आरोपों पर उनका कहना है कि उन्हें अगर सबूत चाहिए तो यहां आकर गांव वालों से ले लें।

यहां बता दें कि केवल पीएम ही नहीं, बल्कि एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी दिलीप मालवीय के काम की तारीफ कर चुके हैं। सीएम ऑफिस से दिलीप को तारीफ पत्र भी मिल चुका है। दिलीप की खुद की  आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। दिलीप के मुताबिक, एक बार उनकी पत्नी ने शौचालय नहीं होने की शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि केवल अपने घर में ही नहीं बल्कि पूरे गांव में शौचालय बनवाना है।

गंदगी बहुत थी, इसलिए उधारी में किया काम: दिलीप
मोदी की मन की बात में जिक्र के बाद दिलीप सिंह ने प्रदेश टुडे को बताया कि उन्होंने अपनी पंचायत में आने वाले भोजपुरा, मोहनपुरा, सीधा पठारिया और बांका पठारिया के अलावा कला खेड़ी गांव में सौ से ज्यादा शौचालय बना दिए हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांव में गंदगी बहुत रहती थी, लोग शौचालय बनवाना भी चाह रहे थे, लेकिन पैसा नहीं था। सरकारी अधिकारी गांव आए तो उन्होंने बताया कि गांव के लोग शौचालय बनवा लें सरकार उन्हें 12 हजार रुपए देगी। इस घोषणा के बाद उन्होंने लोगों से कहा कि वे उधारी में शौचालय बना देंगे। तब से शौचालय बनाने का काम कर रहे हैं।

70-80 शौचालय बनाए मजदूरी सिर्फ 5 की मिली
दिलीप सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने गांव भोजपुरा में 25 शौचालय बनाए। जिसमें से उन्हें 5 की मजदूरी मिली है। जबकि बाकी के गांवों में 70 से 80 शौचालय बनाएं हैं, जिसमें से 20 में मजदूरी मिली है। दिलीप सिंह ने बताया कि शौचालय बनाने में तीन दिन लगते हैं यदि कोई साथ में बाथरूम बनवाता है तो 5 से 6 दिन लगते हैं। उन्होंने कहा कि उधारी बहुत हो गई। जब सरकार इन लोगों को पैसा देगी तब उधारी भी वसूल हो जाएगी।

प्रशासन का दावा, सबको दिए जा चुके हैं पैसे
उस पंचायत में 353 शौचालय का निर्माण हुआ है। जिन-जिन लोगों ने निर्माण करवाया है, उस सभी के बैंक खातों में रुपए जमा करवा दिए गए हैं।

सुदाम पंडरीनाथ खाडे, कलेक्टर सीहोर

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