मोदी की बायोपिक बैन, शास्त्री पर बनी द ताशकंद फाइल्स पर भी ‘संशय’

मोदी की बायोपिक बैन, शास्त्री पर बनी द ताशकंद फाइल्स पर भी ‘संशय’

- in ग्लैमर
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नई दिल्ली,

रिलीज से ठीक पहले चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक समेत ऐसी राजनीतिक फिल्मों का प्रदर्शन रोकने की बात कही है जो चुनाव पर असर डाल सकती हैं. विवेक ओबेरॉय की पीएम नरेंद्र मोदी पर बैन के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द ताशकंद फाइल्स की रिलीज भी रोक दिया जाएगा. लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर बनी फिल्म दो दिन बाद 12 अप्रैल को रिलीज होगी.

पीएम नरेंद्र मोदी पर चुनाव आयोग के फैसले के बाद द ताशकंद फाइल्स की रिलीज पर संशय के बीच निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी फिल्म द ताशकंद फाइल्स 12 अप्रैल को ही रिलीज होगी. दरअसल, ट्विटर पर एक यूजर ने विवेक अग्निहोत्री से पूछा- सर फिल्म 12 अप्रैल को ही रिलीज होगी ना? जवाब में विवेक ने कहा- “हां.”

बता दें कि निर्वाचन आयोग ने पीएम नरेंद्र मोदी ऐसी किसी भी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई है जिनका संबंध राजनीतिक है और वे चुनाव पर असर डाल सकती हैं. फिल्मों को किसी भी इलेक्टॉनिक, सोशल मीडिया या सिनेमा के दूसरे माध्यम पर भी प्रदर्शन करने से रोक लगाई गई है.

इस बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि बैनिंग और सेंसरिंग को लेकर मेरी पहली याद मजरूह सुल्तानपुरी के बारे में है जब उन्हें जवाहर लाल नेहरू पर एक कविता लिखने के चलते जेल में डाल दिया गया था. उसके बाद से मैंने सबसे बड़े कलाकारों के काम को बैन होते देखा है. चाहे वह गुलजार हों, सलमान रश्दी की किताब हो या एमएफ हुसैन हों, इन्हें बैन किया गया है.”

विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “हम एक बैनिंग और सेंसरिंग वाला देश बन चुके हैं. इस देश में न्याय व्यवस्था के समानांतर एक और न्यायिक प्रणाली चल रही है. यदि आप गौर करेंगे तो इस तरह की सभी राजनीतिक फिल्में पिछले एक साल में रिलीज हुई हैं. इसका मतलब है कि युवा पहले से ज्यादा मैच्योर हुआ है और वो राजनीति में दिलचस्पी दिखा रहा है. मुझे लगता है कि हमारे जैसे विकासशील देश को हर तरह के विशयों का स्वागत करना चाहिए.”

क्या है विवेक अग्निहोत्री की फिल्म-
विवेक अग्निहोत्री की थ्रिलर फिल्म द ताशकंद फाइल्स देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत को लेकर बनी है. फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि क्या शास्त्री जी का निधन हुआ था या उनकी हत्या कर दी गई थी. फिल्म पिछले काफी वक्त से सुर्खियों में है. हालांकि कांग्रेस में शामिल शास्त्री के पोतों ने द ताशकंद फाइल्स पर आपत्ति जताते हुए निर्माताओं को नोटिस भेजा है. सेंसर बोर्ड और चुनाव आयोग में भी फिल्म को लेकर शिकायत की गई है.

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