मुंबई बेहाल: घरों में रहने की सलाह, कल स्कूल बंद

मुंबई बेहाल: घरों में रहने की सलाह, कल स्कूल बंद

मुंबई

तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश से मुंबई पूरी तरह से बेहाल है। रविवार को भी ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों और विमानों को रद्द करना पड़ा तो कइयों के समय में परिवर्तन किया गया। ऐसी मुश्किल घड़ी में लोगों को भारतीय वायुसेना ने पूरा सहारा दिया। शनिवार रात से लेकर रविवार शाम तक बाढ़ में फंसे 73 लोगों को सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया। बारिश के चलते मुंबई और सतारा में 5 लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए ठाणे, रत्नागिरी और पुणे के अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को छुट्टी कर दी गई है। महाराष्‍ट्र सरकार ने लोगों को किसी भी असुविधा से बचने के लिए घरों में ही रहने की सलाह दी है।
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सेना, एनडीआरएफ और बीएमसी हाई अलर्ट
वसई-विरार के बीच पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) की सेवा कई घंटों तक बंद रही क्योंकि पटरियों पर पानी भर गया था। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने सोमवार तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बृहनमुंबई म्‍युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी), एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अलावा सभी अन्य एजेंसियां मुंबई और ठाणे में होने वाली किसी भी घटना के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

बाढ़ में फंसे 73 लोगों के लिए देवदूत बनी वायुसेना
महाराष्ट्र के बड़े हिस्से, विशेष रूप से तटीय कोंकण क्षेत्र में तेज बारिश लगातार जारी है। बचाव अभियान में जुटे अधिकारियों ने बताया कि ठाणे में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 73 लोगों को बचाया और मुंबई उपनगर में फंसे लगभग 400 लोगों को बचाने के लिए नौका तैनात की गई। वहीं, मुंबई के सांताक्रूज पूर्व में बिजली का करंट लगने से एक महिला और उसके बेटे की मौत हो गई, जबकि धरावी में एक युवक बह गया। इसके अलावा पुणे के दो व्यक्ति सतारा में एक झरने में डूब गए। उन लोगों की कार पुल पर एक बैरिकेड से टकरा गई और वे बाढ़ के पानी में बह गए।

रबड़ की नौका से निकाले गए 400 लोग
शनिवार रात भर हुई लगातार बरसात के बाद, कुर्ला उपनगर के क्रांति नगर, इंदिरा नगर, जरीमरी, शंकरनगर और बैल-बाजार इलाकों के कई घरों में पानी घुस गया। एनडीआरएफ की दो टीमों ने वहां फंसे लगभग 400 निवासियों को रबड़ की नौका से बाहर निकाला। स्थानीय विधायक और विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता नसीम खान ने बताया, ‘लोगों को अस्थायी रूप से बजरवाड नगरपालिका स्कूल और अन्य स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आवश्यकतानुसार भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था भी की है।’

ग्रामीणों को किया एयरलिफ्ट
वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने ठाणे में फंसे 58 ग्रामीणों को बचाया। इनमें 18 बच्चे भी शामिल थे। एक अन्य अभियान में पालघर के बुरंडा गांव में एमआई-17 हेलिकॉप्टर की मदद से 15 घायल ग्रामीणों को एयरलिफ्ट किया गया। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि बचाव अभियान महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बाद चलाए गए थे और सभी फंसे हुए लोगों को ठाणे के वायुसेना स्टेशन में सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी ओर, रायगढ़ जिले के कुछ गांवों में रविवार सुबह चार बजे से पांच-छह फुट गहरे पानी में लगभग 60 लोग फंसे हुए थे। उन्हें नौका के जरिए एनडीआरएफ की टीमों ने बचाया। इसी तरह पालघर के मोरी गांव में भी 40 लोगों को बचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ज्यादातर उड़ानें लगभग 30 मिनट की देरी से चलीं। मौसम विभाग ने कहा कि रविवार सुबह तक मुंबई शहर में 142 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि उपनगरों में 204 मिमी बारिश हुई।

उपनगरीय ट्रेनों का रहा बुरा हाल
पश्चिम रेलवे पर पिछले साल की तरह इस बार भी वसई-विरार सेक्शन में भारी बारिश के कारण ट्रैक जलमग्न हो गए। इससे ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। दोपहर 12 बजे के करीब नालासोपारा और वसई के बीच अप थ्रू लाइन पर 110 मिमी और डाउन थ्रू लाइन पर 140 मिमी पानी जमा हो गया। जलस्तर कम होने के बाद दोपहर 1:15 बजे इस सेक्शन से पहली लोकल ट्रेन गुजारी गई। शाम होने तक इस सेक्शन में ट्रेनों को सीमित गति में चलाया गया। इसके कारण पश्चिम रेलवे पर शाम तक 70 उपनगरीय ट्रेनें रद्द की गई। इसी तरह सुबह 8 बजे के करीब मध्य रेलवे द्वारा ट्विटर के जरिए जानकारी दी गई की कई स्थानों पर पटरियां पानी में डूब जाने के कारण मेन लाइन और हार्बर लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। सुबह 11.15 बजे के करीब ठाणे-कल्याण के बीच कुछ ट्रेनों की आवाजाही शुरू की गई। दोपहर 3 बजे तक ठाणे-कल्याण के अलावा सीएसएमटी-गोरेगांव और मानखुर्द-पनवेल के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ।

लंबी दूरी की ट्रेनों में अटके यात्री
घाट सेक्शन में हुई त्रासदी के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों पर ब्रेक लग गया, लेकिन जो यात्री ट्रेनों में अटक गए उन तक किसी तरह से मदद पहुंचाने का प्रयास किया गया। मध्य रेलवे पर लंबी दूरी की 12 ट्रेनों यात्री अटक गए। इन्हें निकालने के लिए ठाणे से निजी बसें चलाकर यात्रियों को लाया गया। उंबरमाली से 3, खर्डी से 4, वाशिंद से 2, अटगांव से 6, खडवली से 8, खर्डी से 6, कसारा से 12 चलाई गई। इसके अलावा उंबरमाली स्टेशन से 3 बसें पुणे के लिए रवाना की गई। इगतपुरी से मुंबई के लिए 6 और रोहा से पनवेल के लिए 7 बसें अलग से रवाना की गई। मध्य रेलवे के अनुसार, शाम तक सभी 12 ट्रेनों में अटके लगभग 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया।

दो-तीन दिनों में हालात सामान्य होने की उम्‍मीद
चट्टान खिसकने के कारण जीते स्टेशन के पास मध्य रेलवे की राजधानी एक्सप्रेस भी अटक गई थी, जिसे समय रहते प्रभावित स्थल से निकाल लिया गया है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने कहा, ‘पश्चिम रेलवे पर रविवार को वसई-विरार सेक्शन को छोड़कर उपनगरीय ट्रेनों का संचालन में कोई परेशानी नहीं आई लेकिन लगातार बारिश के कारण मुंबई-अहमदाबाद रूट बाधित है। रविवार को भारी बारिश के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। उम्मीद है अगले दो-तीन दिनों में हालात सामान्य होंगे।’

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