नोटबंदी: यूपी की रैलियों में एक-दूसरे पर हमलावर हुए पीएम मोदी और राहुल गांधी

नोटबंदी: यूपी की रैलियों में एक-दूसरे पर हमलावर हुए पीएम मोदी और राहुल गांधी

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नई दिल्‍ली

vfsdfd-300x227नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक-दूसरे पर जमकर हमला बोला है। मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सरकार का अजेंडा भ्रष्टाचार बंद करना है जबकि विरोधियों का अजेंडा संसद बंद करना है। दूसरी तरफ, राहुल ने मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि नोटबंदी के नाम पर मोदी सरकार ने 99 प्रतिशत गरीब ईमानदार लोगों से बिना पूछे उनका खून निकाल लिया। उन्‍होंने कहा कि 8 नवंबर का फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, किसान और गरीब के खिलाफ था।

राहुल के तीखे तेवर

गरीब, ईमानदार का खून निकाला
उत्‍तर प्रदेश के जौनपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘ब्लड डोनेशन कैंप में आदमी जाकर कहता है कि मैं खून देना चाहता हूं, लेकिन मोदी सरकार ने नोटबंदी के नाम पर 99 प्रतिशत गरीब ईमानदार लोगों से बिना पूछे उनका खून निकाल लिया। कुछ लोग कहते हैं कि नोटबंदी का आइडिया अच्छा था, प्लानिंग खराब थी। मैं कहता हूं प्लानिंग सही थी, लेकिन यह गरीब का पैसा फंसाने का प्लान था। आपने देश के एक प्रतिशत अमीर लोगों को देश का 60 फीसदी धन दे दिया है और यह सरकार का आंकड़ा है। सबसे ज्यादा धन सिर्फ 50 परिवारों के पास है और यह मोदी जी की देन है। इन परिवारों के लोग (नाम नहीं लूंगा) मोदी जी के साथ अमेरिका जाते हैं, चीन जाते हैं, उनके जहाज में बैठते हैं। एक तरफ ईमानदार लोग खून पसीना देते हैं तो संसद में उनका मजाक उड़ाया जाता है।’

गरीबों से पैसा खींचो, अमीरों को सींचो
कांग्रेस उपाध्‍यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गरीबों से पैसा लेकर अमीरों को दे रही है। उन्‍होंने कहा, ‘मोदी जी ने गरीबों का पैसा छीनकर बैंक में जमा करवाया। आने वाले समय में वह अमीरों को यह पैसा बांटेंगे। गरीबों से पैसा खींचो और अमीरो को सींचो, इसी का नाम नोटबंदी है। कालाधन वापस नहीं आया। मोदी जी को मालूम था कि कोई पैसा वापस नहीं आया। हमने पूछा कि मोदी जी, हिंदुस्तान में नकली नोट कितने हैं तो उन्‍होंने जवाब दिया कि 100 रुपये में से 2 पैसे नकली नोट हैं।’

पीएम के खिलाफ मुर्दाबाद नहीं
राहुल की जनसभा में जब मोदी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे तो राहुल ने लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की। उन्‍होंने कहा, ‘नोटबंदी का मोदी जी ने फैसला किया। यह कांग्रेस की मीटिंग है और इसमें मुर्दाबाद शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मोदी जी के साथ हमारी राजनीतिक लड़ाई है और हम उन्हें इसमें हराएंगे, पर देश के प्रधानमंत्री को मुर्दाबाद नहीं बोलेंगे।’

कांग्रेस पर हमलावर मोदी

संसद की गरिमा को चोट पहुंचाई
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के मुद्दे पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। कानपुर में बीजेपी की परिवर्तन रैली के दौरान उन्‍होंने कहा, ‘हम देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा अजेंडा है भ्रष्टाचार बंद हो, कालेधन पर लगाम लगे, उनका अजेंडा है संसद बंद हो। पूरे महीने संसद नहीं चलने दी, चर्चा नहीं की। राष्ट्रपति के कहने के बाद भी हो-हल्ला करते रहे। वे चर्चा से इसलिए भाग रहे थे कि अब तक जिन लोगों ने सरकार चलाई है, उनके लिए हिसाब देना महंगा पड़ रहा है। अपने काम का ब्यौरा न देने पाने वाले लोगों ने संसद नहीं चलने दी।’

बेईमानों की कर रहे हैं मदद
मोदी ने कहा, ‘राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद की गरिमा को चोट पहुंचाना सामान्य नहीं है। पहले भी संसद में व्‍यावधान आता था क्योंकि घोटाले के खिलाफ आवाज उठती थी। पहली बार हुआ कि बेईमानों को बचाने के लिए संसद नहीं चलने दी।’ संसद में हंगामे के दौरान लोकसभा स्पीकर की ओर कागज फेंकने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए मोदी ने कहा कि म्युनिसिपैलिटी में चुने हुए लोग भी ऐसा व्यवहार करने से पहले 50 बार सोचते हैं। मोदी ने कहा कि देश दो टुकड़ों में बंट गया है, एक तरफ बेईमानों की मदद कर रहे मुट्ठी भर नेता हैं और दूसरी तरफ देश की आम जनता है।

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