10 हजार से ज्यादा के पुराने नोट रखने पर लगेगा जुर्माना, हो सकती है 4 साल जेल

10 हजार से ज्यादा के पुराने नोट रखने पर लगेगा जुर्माना, हो सकती है 4 साल जेल

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पुराने नोटों को लेकर अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली

modi-govt-300x200500-1000 के पुराने नोट रखने की लिमिट और जुर्माने के लिए मोदी सरकार ऑर्डिनेंस लाएगी। बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग में ये फैसला लिया गया। पुराने नोटों को बैंक में जमा करने की तारीख 30 दिसंबर है। यानी 30 दिसंबर के बाद आपके पास अगर पुराने नोट 10 हजार से ज्यादा पाए गए तो जुर्माना देने के साथ 4 साल की जेल भी होगी। हालांकि ये नहीं बताया गया है कि ये नियम 30 दिसंबर के बाद लागू होगा या 31 मार्च के बाद।

केंद्रीय कैबिनेट ने अमान्य हो चुके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के रखने की सीमा को लेकर बुधवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी। सूत्रों के मुताबिक पुराने नोटों को 31 मार्च 2017 तक आरबीआई में जमा किया जा सकता है। 31 मार्च के बाद अगर किसी के पास तय सीमा से ज्यादा पुराने नोट मिले तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा नोट रखने पर चार साल तक की सजा हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, अध्यादेश के जरिए लोगों के पास पुराने नोट रखने की सीमा भी तय की गई है और अगर किसी के पास तय सीमा से ज्यादे पुराने नोट मिले तो उन पर जुर्माना लगेगा। चर्चाएं थीं कि पुराने नोट रखने की सीमा 10,000 रुपये तय की जा सकती है और इससे ज्यादा पाए जाने पर 50 हजार रुपये या बरामद राशि का 5 गुना जुर्माना लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अध्यादेश लागू हो जाएगा।

8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि पुराने नोट 31 मार्च तक जमा कराए जा सकते हैं। 30 दिसंबर तक बैंकों और डाक घरों में पुराने नोट जमा कराए जा सकते हैं जबकि इसके बाद यह नोट सिर्फ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराए जा सकेंगे। हालांकि, बाद के नोटिफिकेशंस में यह उस तारीख का जिक्र नहीं था कि आरबीआई में कब तक पुराने नोट जमा कराए जा सकेंगे। हालांकि इस अध्यादेश के बाद अब तस्वीर साफ हो गई है कि पुराने नोटों को आरबीआई के पास 31 मार्च तक जमा कराया जा सकता है।

इकनॉमिक टाइम्स ने 7 दिसंबर को बताया था कि सरकार पुराने नोटों की कानूनी वैधता खत्म करने के लिए अध्यादेश ला सकती है। दरअसल सभी नोटों पर आरबीआई धारक को उस नोट के मूल्य के बराबर राशि देने का वचन देती है। विशेषज्ञों के मुताबिक नोटों को दी गई यह वैधता तभी खत्म की जा सकती है जब हर व्यक्ति को पुराने नोटों को लौटाने का पर्याप्त समय दिया जाए और उसके बाद कानूनी तरीका अपनाकर नोट की वैधता समाप्त की जाए। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पिछले महीने कहा था कि कुछ कानूनी कदम उठाने की जरूरत हो सकती है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने भी कहा था पुराने नोटों को कानूनी तौर पर पूरी तरह अमान्य करने के लिए कुछ कानूनी बदलावों की जरूरत पड़ सकती है।

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