पाकिस्तान का नया शिगूफा, भारत में राजनयिकों का रहना दूभरपाकिस्तान का नया शिगूफा, भारत में राजनयिकों का रहना दूभर

पाकिस्तान का नया शिगूफा, भारत में राजनयिकों का रहना दूभरपाकिस्तान का नया शिगूफा, भारत में राजनयिकों का रहना दूभर

इस्लामाबाद

संघर्षविराम उल्लंघन और आतंकवाद पर दुनिया को लगातार गुमराह करनेवाला पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे पर खरी-खोटी सुनने के बाद पाकिस्तान ने भारत पर नए आरोप लगाए हैं। पाक के मुताबिक, भारत में मौजूद उसके राजनयिकों और उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर यह सब आगे भी जारी रहा तो वह अपने राजनयिकों के परिवारों को भारत से वापस बुला लेगा।

पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान ने इसकी जानकारी इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय उच्चायोग और दिल्ली में स्थित विदेश मंत्रालय को लिखित में दी है। शिकायत में कहा गया, ‘पाकिस्तानी राजनयिकों और उनके परिवारों का भारत में रहना मुश्किल होता जा रहा है, उनको लगातार परेशान किया जा रहा है।

पाकिस्तान का आरोप है कि यह सब पिछले तीन-चार दिनों से शुरू हुआ। शिकायत के मुताबिक, पाकिस्तानी डिप्टी हाई कमिश्नर के बच्चों को स्कूल जाते वक्त बीच रास्ते में परेशान किया जाता है और एक सीनियर राजनयिक को भी उल्टा-सीधा बोला गया। आरोपों के मुताबिक, राजनयिकों की गाड़ियों को बेवजह रोका जाता है।

पाकिस्तान का दावा है कि उनके उच्चायोग में काम करने वाले भारतीयों को काम पर भी नहीं आने दिया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने साफ तौर पर किसी शख्स या संगठन पर आरोप नहीं लगाए हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान का भारत पर आरोप लगाना कोई नई बात नहीं है। खुद संघर्षविराम उल्लंघन करने के बाद वह भारत को इसके लिए जिम्मेदार बताता रहा है।

इतना ही नहीं, पिछले महीने श्रीलंका में पाकिस्तानी उच्चायोग के पूर्व वीजा काउंसलर अमीर जुबैर सिद्दकी के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार्जशीट दायर की थी। उनपर भारत के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने और पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय मुद्रा का प्रसार करने का आरोप लगा था।

इससे पहले 2016 में पाकिस्तान हाई कमिशन में काम करनेवाले कुछ लोग भारत के खिलाफ जासूसी में शामिल भी पाए गए थे, उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। किसी दूसरे देश में मौजूद अधिकारियों के पास राजनयिक प्रतिरक्षा होती है, इस वजह से उनसे थोड़ी बहुत पूछताछ करके देश छोड़कर जाने को कहा गया था।

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