राजस्थान: आईएएस सालोदिया ने वीआरएस लेकर इस्लाम कबूला

राजस्थान: आईएएस सालोदिया ने वीआरएस लेकर इस्लाम कबूला

जयपुर

thumbnail-1-300x193भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं राजस्थान पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष उमराव सालोदिया ने मुख्य सचिव नहीं बनाने से नाराज होकर आज स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति (वीआरएस) लेने के साथ इस्लाम धर्म ग्रहण करने की घोषणा की है।

सालोदिया ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि वरिष्ठता के आधार पर मुझे मुख्य सचिव बनाया जाना चाहिए था, लेकिन मौजूदा मुख्य सचिव सी एस राजन को तीन महीने का सेवा विस्तार देकर मेरा हक छिना गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से दुखी वह स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले रहे है और नियमों के मुताबिक तीन महीने का नोटिस दिया है।

सालोदिया ने कहा कि भेदभाव के कारण ही वह इस्लाम धर्म ग्रहण कर रहे हैं, क्योंकि इस्लाम में एक को ही ईश्वर माना जाता है। उन्होंने कहा कि मैं शुरू से ही इस्लाम धर्म में विश्वास करता रहा हूं और मेरी मन की इच्छा के अनुरूप ही मैंने इस्लाम धर्म ग्रहण किया है। सालोदिया ने एक सेवा निवृत अधिकारी पर भी उन्हें कानूनी प्रक्रिया में उलझाकर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने उक्त अधिकारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

कानून का सहारा ले सकते थे: कटारिया

वहीं राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने वाले उमराव सालोदिया को मुख्य सचिव नहीं बनाने पर जाति-धर्म का सहारा लेने को अनुचित बताते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें कानून का सहारा लेना चाहिए था। कटारिया ने उमराव के स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया में कहा कि कानून के दरवाजे सभी के लिए खुले हुए है वह भी यह प्रक्रिया अपना सकते थे। उन्होंने कहा कि हजारों अनुसूचित जाति के कर्मचारी है। उनमें से कईयो को अन्याय की शिकायत हो सकती है तथा वे कानून का सहारा ले सकते है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर भी बोद्ध धर्म में चल गये थे। उमराव के धर्म परिवर्तन के मामले में यही कहा जा सकता है कि कौन किसको मानेगा यह उसका अधिकार है।

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