रिसर्च का दावा: पदार्थ तीन नहीं, चार तरह के होते हैं

रिसर्च का दावा: पदार्थ तीन नहीं, चार तरह के होते हैं

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बर्लिन

अभी तक हमने यह पढ़ा था कि पदार्थ यानी मैटर की तीन अवस्थाएं होती हैं। ठोस यानी सॉलिड, द्रव्य यानी लिक्विड और गैस। सॉलिड अवस्था में पार्टिकल्स (अणु) एक-दूसरे से बहुत मजबूती से चिपके रहते हुए हैं, इसलिए वह काफी मजबूत होता है। उदाहरण के तौर पर लोहा। वहीं लिक्विड स्टेट में हर पार्टिकल्स में थोड़ा गैप होता है, लेकिन सभी पार्टिकल्स एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। उदाहरण के तौर पर-पानी। इसके अलावा गैस अवस्था में पार्टिकल्स काफी दूर होते हैं। लेकिन अब बर्लिन में वैज्ञानिकों की एक टीम ने पदार्थ की एक नई अवस्था का पता लगाया है। इस टीम में एक भारतीय भी शामिल भी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ‘पदार्थ की खोजी नई अवस्था बहुत ही अजीब है। इसमें दो छोर पर मौजूद दो पार्टिकल्स एक पेयर बनाते हैं।

वैज्ञानिकों की यह रिसर्च जर्नल साइंस मैगजीन में प्रकाशित हुई है। कहा जा रहा है कि इस रिसर्च के जरिए सुपरकंडक्टर का सिस्टम पता लगाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। दरअसल, सुपरकंडक्टर वे पदार्थ होते हैं, जिनसे बिजली आसानी से एक स्थान से दूसरी जगह पहुंचाई जाती है। हालांकि इस काम के लिए एक शर्त यह होती है कि सुपरकंडक्टर को एक निश्चित टेंपरेचर मिलना चाहिए। नई रिसर्च में वैज्ञानिकों को पार्टिकल्स की ऐसी गैस मिली है, जिसमें एक लेजर बीम के जरिए दो पार्टिकल पेयर बनाते हैं।

जर्मनी की हेडेलबर्ग यूनिवर्सिटी की इस रिसर्च में शामिल भारतीय मूल के वैज्ञानिक पुनीत मूर्थी ने कहा, ‘सॉलिड अवस्था के पदार्थों में पार्टिकल बहुत मजबूती से जुड़े होते हैं। साथ ही उनमें मिलावट भी होती है। इसलिए उनकी स्टडी अच्छी तरह नहीं हो पाती है। अब हमें एक ऐसा पदार्थ मिला है जिसमें सुपरकंडक्टर बनने के लक्षण हैं क्योंकि इसमें भी पार्टिकल पेयर बना रहे हैं।’

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