थप्पड़ कांड: अब केजरीवाल तक पहुंचना नहीं आसान

थप्पड़ कांड: अब केजरीवाल तक पहुंचना नहीं आसान

- in राजनीति
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नई दिल्ली

किसी पब्लिक मीटिंग या फिर रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माला पहनाकर स्वागत करना या फिर उनसे हाथ मिलाना अब आसान नहीं होगा। अगर कोई समर्थक या प्रशंसक ऐसा करना भी चाहेगा, तो उसे पहले सीएम के सुरक्षा घेरे से दो-चार होना पड़ेगा। यहां से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही वह ऐसा कर पाएगा, वरना नहीं। शनिवार को मोती नगर इलाके में सीएम को मारे गए थप्पड़ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी सुरक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसमें एक परिवर्तन यह भी है कि सीएम के पास जाने से लोगों को रोका जाए।

बताया जाता है कि जहां पहले सीएम केजरीवाल पुलिस सुरक्षा को अपने से दूर रखने का प्रयास करते थे, वहीं इस ताजा कांड के बाद उन्होंने सुरक्षा के तमाम इंतजामों को पुलिस अधिकारियों के तरीके से मानने के लिए अपनी रजामंदी दे दी है। सीएम की नई सुरक्षा रणनीति के तहत चुनावी माहौल में अगर वह किसी रोड शो के दौरान खुली जीप में हैं, तो उनकी गाड़ी में दिल्ली पुलिस सिक्यॉरिटी यूनिट के दो जवान पीछे और दो जवान आगे गाड़ी में रहेंगे। चार जवान गाड़ी के पीछे, छह जवान गाड़ी के दोनों साइड और चार जवान गाड़ी के आगे-आगे घेरा बनाकर चलेंगे। इनके अलावा, एक या दो कमांडो भी वर्दी में तैनात किए गए हैं।

रोड शो के दौरान केजरीवाल की गाड़ी में होंगे कम लोग
केजरीवाल से बात करके इस मसले पर भी सहमति बनाई गई है कि रोड शो के दौरान उनकी गाड़ी में कम से कम लोग ही चढ़ पाएं। इनमें एक वह कैंडिडेट, जिसके लिए वह प्रचार कर रहे होंगे, दूसरा उस इलाके का विधायक। इसके अलावा, अधिक से अधिक एक और शख्स गाड़ी में उनके साथ रह सकता है, जिसे वह चाहें। वैसे तो कोशिश की जाएगी कि वह गाड़ी से नीचे ना उतरें, लेकिन अगर वह गाड़ी से उतरकर लोगों के बीच जाना चाहते हैं, तो इसके लिए भी रणनीति तैयार कर ली गई है। इसके तहत उन्हें टू-टियर सिक्यॉरिटी कवर दिया जाएगा, यानी करीब 20 जवान उनके चारों ओर घेरा बनाकर साए की तरह साथ रहेंगे।

एके-47 लिए जवान किए जाएंगे तैनात
गाड़ी में चढ़ने से पहले इसकी जांच की जाएगी कि कहीं किसी ने इसमें कोई विस्फोटक आदि तो प्लांट नहीं कर दिया है। पब्लिक मीटिंग के दौरान यह भी कोशिश की जाएगी कि आसपास की ऊंची बिल्डिंगों की छतों पर भी एके-47 लिए जवान तैनात किए जाएं। सूत्रों ने बताया कि शनिवार के बाद रविवार को हुए एक रोड शो में सीएम पुलिस की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए गाड़ी से नहीं उतरे। जिस भी जिले में वह प्रचार करेंगे, उस रेंज के जॉइंट पुलिस कमिश्नर, जिला डीसीपी, सब-डिविजन के एसीपी और संबंधित थानों के तमाम एसएचओ भी मीटिंग करके इंतजामों की तैयारियां सुनिश्चित करेंगे।

‘शुक्रवार को भी एक इंस्पेक्टर को पास आने से मना कर दिया था’
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीएम से पहले भी कई बार कहा गया था कि उनपर खतरा है। कोई भी ऊपर से या नीचे से उनपर किसी भी रूप में हमला कर सकता है, इसलिए वह अपने साथ सिक्याॅरिटी कवर रखें, लेकिन हर बार वह मना कर देते थे। शुक्रवार को भी उन्होंने एक इंस्पेक्टर को अपने पास आने से मना कर दिया था। सिक्यॉरिटी यूनिट में इसकी डीडी एंट्री भी की गई थी। इससे पहले भी कई मौकों पर उन्हें लिखित में सुरक्षा घेरे में ही रहने की सलाह दी गई थी, लेकिन हर बार वह इससे इनकार करते रहे थे।

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