नवजोत कौर के खिलाफ नारेबाजी, बोलीं- मेरे जाने के बाद हुआ हादसा

नवजोत कौर के खिलाफ नारेबाजी, बोलीं- मेरे जाने के बाद हुआ हादसा

अमृतसर

पंजाब के अमृतसर में हुए रेल हादसे 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. बताया जा रहा है कि यह हादसा चौड़ा बाजार के करीब हुआ, जहां ट्रैक के पास रावण का पुतला जलाया जा रहा था जिसे देखने के लिए ट्रैक पर लोग खड़े थे. तभी वहां से एक ट्रेन गुजरी जिसकी चपेट में आकर कई लोगों की जान चली गई. लेकिन हादसे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए हैं. कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धूने हादसे के लिए रेलवे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ दिया है.

चश्मदीदों के मुताबिक कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू रावण दहन के इस कार्यक्रम में मौजूद थीं और जैसे ही हादसा हुआ वह मौके से भागकर सुरक्षित जगह पर पहुंच गईं. स्थानीय लोगों ने नवजोत कौर के खिलाफ नारेबाजी की और उनका इस्तीफा तक मांगा है. हालांकि, अब नवजोत कौर ने इन सभी आरोपों पर सफाई दी है.

मौके पर आना चाहती थी…
नवजोत कौर ने अस्पताल से बताया कि वहां से निकलने के 15 मिनट बाद हादसे के बारे में पता चला और वह घटनास्थल पर लौटने के लिए तैयार थीं. लेकिन कमिश्नर ने बताया कि वहां पथराव हो रहा है और इसी वजह से वो अस्पताल आकर घायलों का हाल-चाल लेने लगीं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद के लिए भी यहां किसी का रहना जरूरी था और मैं आज रात यहीं रहकर इनके साथ रहूंगी.

नवजोत कौर ने बताया कि ट्रेन ने न तो हॉर्न दिया और न ही ट्रेन को धीमा किया गया. उन्होंने कहा कि हर साल वहां दशहरा होता है और अकाली सरकार में भी इसी जगह रावण दहन किया जाता था. उन्होंने कहा कि लोगों को हमने ट्रैक पर नहीं बैठाया और न ही ट्रेन चढ़ाई, ये हमारे इलाके के लोग हैं और हम इनके दुख दर्द में साथ हैं. कौर ने कहा कि इस पर राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए.

रेलवे पर आरोप लगाते हुए नवजोत कौर ने कहा कि रेलवे की बड़ी लापरवाही है क्योंकि वह इतना पड़ा कार्यक्रम हो रहा था और ट्रेन को कम से कम हॉर्न देना चाहिए या ट्रेन को धीमा करना चाहिए था.

अमृतसर से पूर्व सांसद और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि हादसे से काफी दुखी हूं, उन्होंने कहा कि वो अभी बेंगलुरु में हैं और सुबह अमृतसर पहुंच रहे हैं. उन्होंने ‘आजतक’ से बातचीत में कहा कि रेल को हॉर्न देना चाहिए क्योंकि पास में रावण दहन हो रहा था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए.

सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी हादसे के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचीं हैं और पीड़ितों की मदद में लगीं हैं. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में हमें राजनीति करने की जरूरत नहीं बल्कि एक साथ आकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए.

5-5 लाख का मुआवजा
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि शनिवार को वह खुद अमृतसर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा और इसके लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं. सीएम ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजी (कानून व्यवस्था) को अमृतसर जाने के निर्देश दिए हैं. राजस्व मंत्री अमृतसर के पहुंच रहे हैं.

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