स्पाइसजेट: 3 घंटे के सफर में लगे 15 घंटे, प्लेन में कैद रहे यात्री

स्पाइसजेट: 3 घंटे के सफर में लगे 15 घंटे, प्लेन में कैद रहे यात्री

- in कारपोरेट
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नई दिल्ली

फ्लाइट से यात्रा का समय कई गुना घट जाता है। यह अलग बात है कि हवाई टिकट कई गुना महंगा भी होता है। लेकिन, बेंगलुरु से दिल्ली की हवाई यात्रा के लिए निकले लोगों के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसे वह जीवन भर भूल नहीं पाएंगे। हुआ यह कि दोनों शहरों के बीच तीन घंटे का यह सफर 15 घंटे में पूरा हुआ और यात्रियों पर किराए और वक्त की दोहरी मार पड़ी।

देर से उड़ी, फिर और देर होती गई
तय समय से पांच गुना वक्त में सफर की यह कहानी स्पाइसजेट से जुड़ी है। शुक्रवार की रात स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-8720 बेंगलुरु से सीधे दिल्ली के लिए उड़ी। उसे दोनों शहरों के बीच कहीं रुकना नहीं था, क्योंकि वह नॉन-स्टॉप फ्लाइट थी। लेकिन, रात 10 बजे के नियत समय से बेंगलुरु से उड़ान भरने वाली एसजी- 8720 शुक्रवार रात डेढ़ घंटे की देरी से यानी करीब 11:30 बजे उड़ान भर पाई। उसके बाद विमान में आई एक खामी की वजह से फ्लाइट को नागपुर डायवर्ट कर दिया गया। यात्रियों का कहना है कि उन्हें स्पाइसजेट के इस बोइंग 737 विमान में रातभर बंद रखा गया जब तक कि वैकल्पिक विमान वहां से यात्रियों को लेकर नहीं उड़ा।

इलाज की नौबत
उसी फ्लाइट से सफर करने वाले एक यात्री ने बताया, ‘(बेंगलुरु से उड़ने के) एक घंटे बाद फ्लाइट नागपुर में उतरी। (स्पाइसजेट ने) उन्होंने हमें छह घंटे तक प्लेन में बंद रखा और फिर एयरपोर्ट के अंदर हम चार घंटे और इंतजार करते रहे। (शनिवार) सुबह 10 बजे उन्होंने हमें नए विमान में बिठाया और उसमें भी हम डेढ़ घंटे बैठे रहे, फिर भी विमान नहीं उड़ा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे डॉक्टर से इलाज करवाना होगा क्योंकि सबकुछ बहुत तनावपुर्ण रहा है। यात्रियों ने आपा खो दिया और प्लेन से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे जिसकी अनुमति नहीं दी गई। स्पाइसजेट का रवैया शुरू से असहयोग का रहा।’

स्पाइसजेट की सफाई
वहीं, स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने इस घटना पर कंपनी की ओर सफाई दी। उसने कहा, ‘बेंगलुरु से दिल्ली के बीच संचालित एसजी- 8720 फ्लाइट तकनीकी समस्या के कारण नागपुर डायवर्ट हो गई। वहां उसकी नॉर्मल लैंडिंग हुई, न कि इमर्जेंसी लैंडिंग। वहां यात्रियों को रिफ्रेशमेंट्स दिए गए और एक वैकल्पिक विमान भेजा गया। वहां से फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई।’

ऑफलाइन स्टेशन है नागपुर: स्पाइसजेट
यात्रियों को लंबे समय तक प्लेन में बिठाए रखने की शिकायत के सवाल पर स्पाइसजेट के सूत्रों ने कहा कि नागपुर स्पाइसजेट के लिए ऑफलाइन स्टेशन है। यानी, वहां कंपनी की कोई फ्लाइट नहीं रहती है। एयरलाइंस का कहना है कि ऐसी जगहों पर वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करने में कभी-कभार ज्यादा वक्त लग जाता है क्योंकि वहां उनका अपना स्टाफ नहीं होता है।

यात्रियों की मांग
अक्सर हवाई यात्रा करने वालों की राय है कि ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को विमान से उतरने की अनुमति मिलनी चाहिए। खासकर, तब जब मौसम अच्छा नहीं हो और जब घरेलू उड़ानों में इमिग्रेशन का कोई मसला नहीं हो। ऐसे में यात्रियों को टर्मिनल्स पर वक्त बिताने में कम असुविधा होगी।

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