बेइमानों से मोदी बोले- लौट आइए, फांसी पर नहीं चढ़ाएंगे

बेइमानों से मोदी बोले- लौट आइए, फांसी पर नहीं चढ़ाएंगे

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मुंबई

56156194प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई तट से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर समुद्र में छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल की आधारशिला रखी। इसके बाद पीएम ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी को कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा हमला बताते हुए कहा कि ये लड़ाई तक तक नहीं रूकेगी, जब तक हम जीतेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि बेइमान लोग सही रास्ते पर लौट आएं, हम उन्हें फांसी पर नहीं चढ़ाएंगे।

‘देश के लोग नोटबंदी के फैसले के साथ’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 8 नवंबर को उन्होंने कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा हमला बोल दिया। उनके फैसले से लोगों को तकलीफ हुई लेकिन लोगों ने इस फैसले का साथ दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिशें भी हुईं लेकिन लोग गुमराह नहीं हुए। महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में लोगों ने गुमराह करने वालों को जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने सोचा कि बैंक वालों से मिलकर वे काले धन को सफेद कर देंगे, लेकिन वे लोग तो मरे ही, बैंक वालों को भी मरवा दिया। पीएम ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि नोटबंदी से जितनी भी तकलीफ आएगी, लोग उसे झेलने को तैयार हैं।

‘आने वाला वक्त बेइमानों की बर्बादी का वक्त’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 50 दिन बाद ईमानदार लोगों की तकलीफ कम होगी और बेइमानों की तकलीफ बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि बेइमानों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई सोचता है कि वह पहले की तरह बचने का कोई रास्ता निकाल लेगा तो ऐसा नहीं होगा…सरकार बदल चुकी है। अब जो समय आ रहा है वह बेइमानों की बर्बादी का वक्त शुरू करने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ मुट्ठी भर बेइमानों की वजह से ईमानदार लोगों को कष्ट उठाना पड़ रहा है। मोदी ने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ ये लड़ाई तब तक नहीं रूकेगी, जब तक हम जीतेंगे नहीं।

‘गरीबों का कल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता’
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता में गरीबों का कल्याण है। उन्होंने कहा कि देश बदल सकता है, देश बदलेगा भी, देश बढ़ेगा भी, देश दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा हो जाएगा ये मैं तीन साल के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भांति-भांति की राजनीति हुई है, लेकिन 70 साल के अनुभव के बाद हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि अच्छा हुआ होता कि आजादी के बाद हम सिर्फ विकास का रास्ता अपनाए होते। नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास ही सारी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि गरीबों को हक विकास ही दिला सकता है, मध्यम वर्ग के अरमानों को उड़ान विकास ही दे सकता है। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता विकास है जो टिकाऊ हो और गरीबों को अपनी जिंदगी में बदलाव देने का मौका देता हो। मोदी ने कहा कि हमारी सारी योजनाओं के केंद्र में गरीब का कल्याण है।

‘आजादी के 70 साल बाद भी 18 हजार गांवों में नहीं थी बिजली’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार आई तो तमाम बुजुर्ग लोगों को 50 रुपये, 60 रुपये पेंशन मिलता था। हमने फैसला किया कि पेंशन कम से कम 1,000 रुपये होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के खजाने पर सैकड़ों करोड़ का बोझ पड़ा लेकिन हमने बुजुर्गों के लिए अहम कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने गरीब की दवा सस्ती हो इसके लिए कदम उठाया, जेनेरिक दवाओं पर जोर दिया। हमने गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों को लकड़ी के चूल्हों के धुएं से मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। आजादी के 70 सालों बाद तक 18 हजार ऐसे गांव थे जहां बिजली नहीं थी। हमने 1000 दिन में उन गांवों में बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया। आधे गांवों तक बिजली पहुंच भी चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश बदल सकता है, देश बदलेगा भी, देश बढ़ेगा भी, देश दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा हो जाएगा ये मैं तीन साल के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं।

‘बहुआयामी था शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व’
पीएम ने इस मौके पर शिवाजी महाराज के विराट व्यक्तित्व की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इतिहासकारों की नजरों से, रंगकर्मियों की नजरों से जब भी हम छत्रपति शिवाजी महाराज को देखते हैं तो घोड़ा हो, घोड़े पर शिवाजी महाराज हो और हाथ में तलवार हो, हमारे मन में एक ही छवि बनती है। शिवाजी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। जिस तरह श्रीराम या कृष्ण के व्यक्तित्व को सिर्फ रावण बध या कंस बध से नहीं बांधा जा सकता, वैसे ही शिवाजी का सिर्फ घोड़ा, तलवार और योद्धा तक सीमित नहीं है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम ने बानरों की छोटी-छोटी सेना बनाया, उसी तरह छत्रपति शिवाजी ने छोटी-छोटी टुकड़ियों से सेना तैयार की। मोदी ने कहा कि शिवाजी की जल संरक्षण नीति से कोई भी प्रेरणा ले सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिवाजी की मुद्रा नीति की तारीफ की। पीएम ने कहा कि शिवाजी दूरदृष्टि वाले थे, जिन्होंने नेवी की स्थापना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, देश में कई किले हैं लेकिन दुर्भाग्य से ताजमहल से आगे हम कुछ देख ही नहीं पाए। उन्होंने कहा कि शिवाजी मेमोरियल को प्रमुख पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे ऊंचा स्मारक भारत में होगा, यह गर्व की बात है।

पीएम ने रखी शिवाजी महाराज मेमेरियल की आधारशिला
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के भव्य स्मारक की आधारशिला रखी। उन्होंने स्मारक के लिए जलपूजन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने एम

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