चीन में सोने पर मंदी की मार, नहीं मिल रहा कोई खरीदार

चीन में सोने पर मंदी की मार, नहीं मिल रहा कोई खरीदार

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शेंजेन/सिंगापुर

Staff wait for customers inside an empty gold and jewellery store in Shenzhen’s Shuibei district, one of China’s biggest jewellery retail and production hubs, in the southern Chinese city of Shenzhen December 17, 2015.  REUTERS/James Pomfret

चीन के जूलरी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल हब शुइबेई में कभी सोने की मार्केटिंग अपने शबाब पर थी लेकिन अब यहां भी मंदी का असर दिखने लगा है। लगातार दूसरे साल चीनी उपभोक्ताओं ने सोने की खरीदारी में कटौती को जारी रखा है। चीन की इकॉनमी में नरमी आने और पेइचिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बाद लग्जरी प्रॉडक्ट्स की मांग में गिरावट आई है। अब डर इस बात का है कि कहीं युवाओं के बीचे कीमती धातु को लेकर भरोसा कहीं और कमजोर न हो जाए। कभी चीन सोने के दुनिया के टॉप कन्जयूमर में शामिल रहा है।

सोने की खरीदारी के मामले में दूसरे नंबर पर भारत है लेकिन यहां भी खरीदारी में गिरावट और चीनी में कमजोर मांग के कारण सोने के दाम पर इंटरनैशनल लेवल पर और दबाव बढ़ सकता है जो पहले ही छह साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है।  2013 में चीन में सोने की खरीदारी में आई बूम के बाद अब हॉन्ग कॉन्ग के बार्डर से थोड़े ही दूर पर स्थित शुइबेई में सैकड़ों जूलरी स्टोर्स पर मंदी साफ नजर आ रही है।

ग्लोरी गोल्ड स्टोर के रीजनल मैनेजर वांग जिशिंग ने बताया, ‘सोने के कमजोर मूल्य के कारण उनको इस पर भरोसा नहीं है इसलिए अभी मांग नहीं बढ़ेगी।’ इस साल गोल्ड स्टोर की कमाई में 10-20 फीसदी की गिरावट हुई और उन्होंने बताया कि अगले साल 10 फीसदी और गिरावट हो सकती है। वांग ने बताया कि पिछले साल उस इलाके में बहुत सी जूलरी फैक्ट्रियां बंद हो गईं।  चीन के मार्केट वैल्यू के हिसाब से टॉप जूलर चो ताई फूक भी अपनी ब्रांचों को बंद कर रहा है और हॉन्ग कॉन्ग एवं मुख्य शहरों में अपने स्टोरों को कम कर रहा है।

अप्रैल-सितंबर अवधि में इसकी सेल्स में 42 फीसदी की नेट गिरावट आई है। इसने बताया कि चीन में मौजूदा वित्तीय साल में कंपनी ने 150 नए स्टोर खोलने का टारगेट रखा था लेकिन अब 60 स्टोर ही खोलेगी।  2013 में चीन में सोने का मार्केट काफी जोरों पर रहा। जहां 2003 में 200 टन सोने की मांग थी, 2013 में यह बढ़कर 1,000 टन से ज्यादा हो गई और 12 साल के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई थी। उसके बाद से चीनी उपभोक्ताओं के बीच सोने को लेकर भरोसा कमजोर हुआ है। इसका एक कारण सोने के मूल्य में एक तिहाई से ज्यादा गिरावट का भी होना है। चीन के जूलरी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल हब शुइबेई में कभी सोने की मार्केटिंग अपने शबाब पर थी लेकिन अब यहां भी मंदी का असर दिखने लगा है

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