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बिहार चुनाव: BJP का सूपड़ा साफ, लालू-नीतीश को बंपर बहुमत

पटना

lalu1-300x200बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा चुनाव केजो नतीजे सामने आ रहे हैं वो बता रहे हैं कि नीतीश कुमार और लालू यादव के बवंडर में मोदी लहर पूरी तरह हवा हो गई। महागठबंधन बंपर बहुमत की तरफ बढ़ रहा है। एनडीए गठबंधन 70 सीटों से भी कम पर सिमटता दिख रहा है। रुझानों के बाद जहां बीजेपी खेमे में खामोशी है और बैठकों का दौर शुरू हो गया है, वहीं महागठबंधन  खेमे में जबरदस्त उत्साह और जश्न का माहौल है। आज सुबह लालू यादव ने कहा था, गुड मॉर्निंग हम जीत रहे हैं। लालू की ये बात सही भी साबित हुई।

8 बजे मतगणना शुरू होती ही शुरुआती रुझान में बीजेपी गठबंधन काफी आगे दिख रहा था, लेकिन समय बढ़ने के साथ साथ महागठबंधन ने एनडीए की बढ़त को पूरी तरह रोक दिया। 9 बजे तक महागठबंन पूरे रंग में आ चुका था और उसने एनडीए की बढ़त को ना सिर्फ रोका बल्कि उससे आगे भी निकल गया। सुबह साढ़े 9 बजे एनडीए 86 और महागठबंधन 85 सीटों पर आगे थे।

9 बजे तो आलम ये था कि पटना बीजेपी ऑफिस में कार्यकर्ताओं ने रुझानों को ही जीत मानकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। बीजेपी ऑफिस पटाखों की आवाज से गूंज उठा। लेकिन आधे घंटे के बाद ही तस्वीर बदल गई। महागठबंधन आगे निकल चुका था और दिलचस्प बात ये थी कि साढ़े 9 बजे लालू यादव की आरजेडी 44 सीटों पर आगे थी जबकि जेडीयू 33 सीटों पर। वहीं कांग्रेस 10 सीटों पर आगे थी।

महागठबंधन अपनी लीड लगातार बढ़ाता रहा, सुबह 9.42 बजे तक महागठबंधन 107 और एनडीए 89 सीटों पर आगे था। यानि फासला 18 सीटों का हो गया। संकेत साफ है कि बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने की तरफ बढ़ता जा रहा है। ANI ने तो ट्वीट भी कर दिया कि महागठबंधन को 119 और एनडीए 76 सीटों पर आगे है।

आलम ये था कि सुबह 9 बजे से पहले जहां पटना बीजेपी ऑफिस में जश्न मनना शुरू हो गया था, वहीं 10 बजते-बजते आरजेडी ऑफिस में जश्न मनाया जाने लगा। अब बीजेपी  के ऑफिस पर सन्नाटा पसरा हुआ था। रुझानों में जेडीयू को आगे देख केसी त्यागी ने कहा कि अभी आने वाले 2 घंटे महत्वपूर्ण हैं। जिस तरह के महागठबंधन के पक्ष में रुझान आए हैं आशा है कि नतीजे आते तक हम सरकार बनाने की स्थिति में होंगे। जो 7-8 स्वतंत्र सामने आए हैं वो भी हमारे समर्थक हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने नीतीश को अग्रिम बधाई भी दे डाली। संजय सिंह ने इसे लेकर ट्वीट किया।

सवा 10 बजे तक महागठबंधन का फासला और बढ़ता गया। इस वक्त तक बीेजेपी प्लस 87 सीटों पर और महागठबंधन 143 सीटों पर आगे थे। जेडीयू और आरजेडी 64-64 सीटों पर आगे थी जबकि कांग्रेस 14 सीटों पर आगे थी। वहीं बीजेपी 66, एलजेपी 9, हम 6 और आरएसएसपी 5 सीटों पर आगे थी।

जबरदस्त बढ़त के बाद जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि ये मोदी और अमित शाह के लिए धक्का है। बिहार की जनता की जीत है। जनता ने नीतीश, लालू औऱ महागठबंधन के लिए वोट किया है। सरकार बनाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होगी। वहीं लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने भी मोदी पर तंज कसा। मीसा ने कहा कि बिहारियों का अपमान किया था, महिलाओं का अपमान किया था, दलित पिछड़ों का अपमान किया था। उस सबका जवाब एनडीए को मिला है। तेजस्वी औऱ तेज सब जीत गए हैं।

11 बजते-बजते तय हो गया कि बिहार में महागठबंधन ने बीजेपी गठबंधन को करारी मात दे दी है। इस वक्त जेडीयू 160 सीटों पर और एनडीए 75 पर आगे थी। यानि महागठबंधन ने एनडीए को पूरी तरह जमीन सुंघा दी। तस्वीर साफ होते-होते दिल्ली से सीएम और नीतीश कुमार के दोस्त अरविंद केजरीवाल ने भी नीतीश को बधाई दे डाली। कुमार विश्वास ने भी बीजेपी की हार पर चुटकी ली।

साढ़े 11 बजे तक बीजेपी ने भी हार मान ली। दिल्ली में अमित शाह के घर पर बीजेपी नेताओं की बैठक का दौर शुरू  हो गया। राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद सहित कई बड़े नेता हार के मंथन में जुट गए। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश को जीत की बधाई दी।

काउंटिंग से पहले किसने क्या कहा?

बहुत बहुत संतुष्ट हूं, जब हमने चुनाव शुरू करवाए तो हमारे सामने सुरक्षा, कम वोटिंग और पेड न्यजू की बड़ी चुनौतियां थीं, लेकिन नतीजा बहुत अच्छा रहा। कहीं पर हिंसा की खबर नहीं आई। किसी मौत या घायल होने की खबर नहीं आई। नतीजा बेहद संतुष्टि भरा है

नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

महागठबंधन ने बीफ और डीएनए के मुद्दे को उठाया और मुख्य मुद्दों को नजरअंदाज किया। हम विधायकों की मीटिंग के बाद ही सीएम का नाम तय करेंगे। लालू जी ने शुभ प्रभात बोला है देश भर को। मेरी तरफ से भी गुड मॉर्निंग है- चिराग पासवान, नेता एलजेपी

महागठबंधन नाकाम है, एनडीए 180 सीटों तक पहुंचेगा जो हमने लक्ष्य निर्धारित किया था। हमें भरोसा है कि इसके करीब पहुंच जाएंगे- जीतनराम मांझी, हम

ये मोदी सरकार के कामकाज का रेफरेंडम है। केंद्र सरकार की असहिष्णु नीतियों के खिलाफ एक नया सिंहनाद है। मोदी जी भाजपा के नेता हैं तो देश के प्रधानमंत्री भी हैं। लेकिन उन्होंने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया उनका स्तर यमुना के स्तर से भी नीचे गिर गया। हम 150 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे। मांझी जी अपनी नाव के साथ डूब जाएंगे- केसी त्यागी, जेडीयू

नीतीश कुमार के नेतृत्व में ठोस काम हो रहा है। एकर सशक्त सरकार बिहार में बन जाएगी। बीजेपी वाले दावा कर रहे हैं लेकिन कुछ देर में तस्वीर साफ हो जाएगी। जिस तरह से गांवों में महिलाएं निकल कर बाहर आई हैं वो साफ दिखाता है कि सब काम से खुश हैं-वशिष्ठ नाराय़ण सिंह, जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष, बिहार

जो ग्राउंड लेवल से हमारे कार्यकर्ताओं का फीडबैक है वो काफी अच्छा है और हम इंप्रूव करेंगे। हालांकि जनता ने अपना फैसला कर दिया है और कुछ देर में वो साफ हो जाएगा- शकील अहमद, कांग्रेस

आज बिहार के लिए बड़ा दिन है, और हम आश्वस्त हैं विकास की ही जीत होगी- संबित पात्रा, बीजेपी प्रवक्ता

बिहार चुनाव के दिलचस्प आकंड़े

बिहार विधानसभा चुनाव 2015 की खासियत यह रही कि इसमें अबतक के सर्वाधिक 56.94 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जो कि वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव (52.65 फीसदी) और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव (55.38 फीसदी) की तुलना में अधिक है। जिन महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम का लोगों को बहुत बेसब्री से इंतजार है उनमें, राघोपुर और महुआ जहां से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के दोनों पुत्र पहली बार अपना भाग्य आजमा रहे हैं, इमामगंज विधानसभा क्षेत्र भी है जहां बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर प्रमुख जीतन राम मांझी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। मांझी इमामगंज के अलावा अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र मखदूमपुर से सभी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में पटना साहिब, बांकीपुर और कुम्हरार का चुनाव परिणाम स्थानीय भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के चुनाव प्रचार से गायब रहने के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निवर्तमान विधानसभा के लिए 2010 में हुए चुनाव में जेडीयू और बीजेपी ने साथ साथ चुनाव लड़ा था और जेडीयू को 115 सीटें मिली थीं जबकि बीजेपी को 91 सीटें मिली थीं। उस चुनाव में आरजेडी को 22 और कांग्रेस को चार सीटों पर कामयाबी मिली थी। जेडीयू-बीजेपी गठबंधन 2013 में टूट गया जब नीतीश कुमार ने घोषणा की कि 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी की चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख नरेंद्र मोदी को बनाए जाने के बीजेपी के फैसले को लेकर उनकी पार्टी एनडीए से अलग हो रही है।

पिछले साल हुए संसदीय चुनाव में बीजेपी को 40 में से 22 सीटें मिली थीं जबकि उसके सहयोगी दलों को नौ सीटें मिली थीं। आरजेडी और जेडीयू ने अलग अलग चुनाव लड़ा था और उसे क्रमश: चार एवं दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस को भी दो सीटें मिली थीं जबकि एक सीट एनसापी को मिली थी। एनडीए में बीजेपी ने जहां 158 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं वहीं उसके अन्य सहयोगी दलों एलजेपी, आरएलएसपी और हम सेक्युलर ने क्रमश: 41, 23 और 21 पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं।

धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन में जेडीयू और आरजेडी 101-101 सीटों पर तथा कांग्रेस ने 41 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे। बिहार विधानसभा चुनाव में हैदराबाद से सांसद और एआईएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की लोकप्रियता भी परखी जाएगी क्योंकि आखिरी चरण में गत पांच नवंबर को हुए मतदान में उनकी पार्टी ने मुस्लिम बहुल सीमांचल इलाके जहां 45 से 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं, में पहली बार छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे। अपने बलबूते बिहार में चुनाव लड़ रही महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ सरकार में शामिल पार्टी शिवसेना ने भी करीब 150 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे।

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