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मैं पूरे परिवार के साथ जान दे रहा हूं, श्रीमान अब न्याय आप ही करना

गंजबासौदा

hang-300x198मंदिर के पुजारी गिरी महाराज के पाजामे पर लिखी अंतिम दास्तान को पुलिस ने एफआईआर का हिस्सा बनाया है। पाजामे के सुसाइड नोट में लिखी दास्तान से साफ है कि दबंगों से पुजारी का परिवार इस कदर डरा था कि उसे पुलिस-प्रशासन पर भी भरोसा नहीं बचा था। सुसाइड नोट की आखिरी लाइन में लिखा है- मैं मजबूरी में अपनी जान दे रहा हूं, श्रीमान अब न्याय आप ही करना। इधर घटना के दो दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

मालूम हो कि मंगलवार को त्योंदा कस्बे में एक पुजारी ने परिवार के चार सदस्यों पति महाराज गिरी, पत्नी जशोदाबाई, बेटे सचिन और बेटी पूनम ने सामूहिक रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। फांसी लगाने के पहले पूरे परिवार ने स्नान किया, महाराज गिरी की पत्नी जसोदाबाई ने सुहागिनों की तरह श्रृंगार कर नई लाल साड़ी पहनी। फिर सबने पूजा-पाठ की और घर में बने भगवान के कक्ष में अपने-अपने गलों में फंदे डाल लिए थे।

पाजामे पर अंतिम दास्तान पुजारी की बेटी पूनम ने लिखी है। पूनम ने लिखा है कि ‘हमको यह मजबूरी में करना पड़ रहा है, क्योंकि गोवर्धन शर्मा, अखिलेश शर्मा, गोपाल शर्मा हमें घर में घुसकर मार देंगे। अबकी पेशी तुम्हारी आखिरी पेशी होगी, यह बात हमें रजनीश कोरी ने कही और चला गया। उन्होंने यहां तक बोल दिया था कि अब महाराज गिरी का पूरा परिवार रहेगा या हम। अब न्याय श्रीमान आपके हाथ में है। हमारी पूरी चल और अचल संपत्ति की वारिस हमारी पुत्री सोनम को देने की कृपा करें। निवेदनकर्ता महाराज गिरी, यशोदा और श्याम गिरी।’

पुजारी के परिवार को जिस खाकी बाबा मंदिर की जमीन के विवाद के कारण सामूहिक रूप से आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा, उस भूमि से महाराज गिरी का सीधा कोई संबंध नहीं था। मंदिर की जमीन महंत गोपालकृष्ण दास की थी। जिस समय मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर महंत का दबंगों से विवाद हुआ था, उस समय पुजारी गिरी महाराज ने महंत का साथ दे दिया था। इसी बात पर दबंगों से पुजारी की दुश्मनी हो गई थी। इतना ही नहीं महंत भी दबंगों के डर मारे के मारे लंबे समय से मंदिर छोड़ गया था। दबंगों का विरोध करने के लिए महाराज गिरी का परिवार बिल्कुल अकेला था। ऐसे में लगातार धमकी मिलने के कारण उसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।

आरोपियों की तलाश की जा रही हैः

इस मामले में पुलिस ने महाराज गिरी के भतीजे राजेन्द्र गिरी की शिकायत पर अखिलेश शर्मा, गोवर्धन, गोपाल शर्मा के खिलाफ दहशत में डालकर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में भादंवि की धारा 306, 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया था। आरोपियों की तलाश की जा रही है। दो अन्य आरोपी रजनीश उर्फ गौरीशंकर पंथी और मुन्नालाल साहू को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी के तहत प्रकरण पंजीबद्घ कर लिया है।

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