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नासिक कुंभ शुरू: महिला साधुओं ने मांगा बराबरी का हक

नासिक

female_1436785853-300x261महाराष्ट्र के नासिक में मंगलवार को सिंहस्‍थ कुंभ की शुरुआत हो गई। इस मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी पहुंचे। यह आयोजन 25 सितंबर तक चलेगा। इस बीच महिला साधुओं के एक दल ने अपने लिए अलग अखाड़े की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि शाही स्नान के दौरान डुबकी लगाने के लिए उन्हें विशेष जगह मुहैया कराई जाए। साध्वी त्रिकाल भैरवनाथ सरस्वती महाराज ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर मंत्रियों से लेकर डीएम तक को चिट्ठी लिखी है। उनके मुताबिक, अलग अखाड़े की मांग पूरी करने का वादा किया गया, लेकिन बाद में किसी ने कुछ नहीं किया।

साध्वी ने बताया कि वे साधुओं के किसी भी अखाड़े का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा, ”धार्मिक कार्यक्रमों में महिलाएं बड़ी संख्या में हिस्सा लेती हैं। उन्हें भी बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। अगर पुरुष साधुओं को अलग जगह दी गई है तो हमें क्यों नहीं? क्या हमें इसका अधिकार नहीं है?” साध्वी का दावा है कि अगर अलग अखाड़े के लिए मंजूरी मिल जाए तो करीब 15 हजार साध्वियों को वे नासिक बुला सकती हैं।

बता दें कि अखाड़े आयोजन स्थल पर अस्थायी टेंट लगाते हैं, जहां साधु लंगर, प्रार्थना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, साध्वियों ने 10 एकड़ जमीन की डिमांड की है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिए 20 पुलिस कॉन्स्टेबल मांगे गए हैं। उधर, नासिक के कलेक्टर दीपेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि साध्वियों की मांग पूरी की जाएगी और उन्हें अलग से जगह मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, सोमवार तक सभी 13 अखाड़ों को जगह अलॉट कर दी गई, लेकिन साध्वियों के लिए जगह की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

फडणवीस और राजनाथ ने ध्‍वज लहरा किया उद्घाटन नासिक में महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और त्र्यंबकेश्वर में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पारंपरिक ध्‍वज फहरा कर कुंभ की औपचारिक शुरुआत की। मंगलवार को 6 बजकर 14 मिनट पर सिंह राशि में गुरु के प्रवेश करते ही सिंहस्थ कुंभ पर्व शुरू हुआ। त्र्यंबकेश्वर में हुए ध्वजारोहण समारोह के दौरान हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई।

समारोह के लिए 50 किलो वजन वाले पांच धातुओं की पताका तैयार की गई थी। इस पताका पर गुरु, सूर्य, चंद्र, गोदावरी व मगर, दशदिशा, बारह राशियों, ओम, हृं, स्वस्तिक जैसे प्रतीक अंकित किए गए थे। ध्वज को तैयार करने में 2 लाख रुपए का खर्च हुआ। 31 फीट उंचे पोल पर पताका लगाया गया। हर 12 साल पर होने वाले कुंभ मेले का हिंदू धर्मं में बहुत महत्त्व है। कुम्भ मेले के दौरान नासिक में स्नान के लिए कोने-कोने से भक्त पहुंचते हैं। धव्जारोहण होते ही भक्तों ने गोदावरी में इस कुंभ मेला का पहला स्नान किया। बता दें कि कुंभ में पहले दिन का स्नान काफी शुभ माना जाता है।

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