Sunday , June 20 2021
Home / विविध / 17 सितंबर को साथ आ रहे हैं श्रीगणेश और भगवान विश्वकर्मा

17 सितंबर को साथ आ रहे हैं श्रीगणेश और भगवान विश्वकर्मा

नई दिल्ली

vishwa-300x200इस बार देवताओं में प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता श्री गणेश और भगवान विश्वकर्मा 17 सितंबर 2015 दिन गुरुवार को साथ आ रहे हैं। इस दिन गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा जयंती है।भगवान विश्वकर्मा ने अनेकानेक अविष्कार किये हैं। सर्वोच्च अभियंता और विज्ञानी भगवान विश्वकर्मा ने इंद्रपुरी, यमपुरी एवं कुबेर पुरी इत्यादि सहित विष्णु जी के सुदर्शन चक्र, शिव जी के त्रिशूल और यमराम के कालदंड आदि का निर्माण किया।

विश्वकर्मा जयंती प्रति वर्ष 17 सिंतबर को मनाई जाती है। इस दिन कल-कारखानों और मशीनों की विधिवत पूजा की जाती है। अभियंताओं के लिए यह विशेष दिन होता है। वे अपने पेशे के प्रति आस्था प्रकट करते हैं। दुनिया के पहले गैजेट्स निर्माता की बात की जाए तो वे भगवान विश्वकर्मा ही हैं।

भोलेनाथ के डमरु, कमंडल हों, कर्ण के कवच-कुंडल हों या कुबेर का पुष्पक विमान सब इन्हीं ने बनाए हैं। गौरी-शंकर सुत गणेश तो हर जीव-जगत के हृदय में विराजमान हैं। सुख-सौख्य,शौर्य और रिद्धी-सिद्धी के दाता हैं। भाद्रपद शुक्लपक्ष की गणेश चतुर्थी से लेकर एकादशी तक देशभर में गणपति की झांकियां सजाई जाती हैं। घर-घर में गणेश प्रतिमाएं सजाई जाती हैं। सार्वजनिक रूप से विशाल गणेशोत्सवों का आयोजन किया जाता है। महाराष्ट्र में यह गणेशोत्सव सबसे धूमधाम से मनाया जाता है।

चतुर्थी की पट्टिका पूजन अर्थात् कलम-दवात की पूजा भी होती है। बच्चों की शिक्षा का शुभारंभ भी सामान्यतः इस दिन कराया जाता है। कई दैत्यों-राक्षसों को मुक्ति देने वाले गणेश जी ने वेदव्यास सृजित श्रीमद्भगवत महापुराण को लिपि बद्ध भी किया है।

क्या करें

घर में विधिवत रूप से गणेश प्रतिमा की स्थापना करें। सुबह-शाम उनका

संध्या वंदन करें। भाद्रपद एकादशी को उनका नदी एवं तालाब में विसर्जन

करें।

मशीनों की साफ-सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान विश्वकर्मा का आवाहन, पूजन एवं वंदन करें। संभव हो तो इस दिन मशीनों को विराम दें।

About Editor

Check Also

MP: जबलपुर HC ने शिवराज, राज्यपाल, 14 मंत्रियों समेत कई को भेजा

जबलपुर, मध्य प्रदेश में सियासत का तख्तापलट होने के बाद कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ...

Leave a Reply