MP में फ्लोर टेस्‍ट पर संशय, BJP विधायक गुरुग्राम से भोपाल रवाना

MP में फ्लोर टेस्‍ट पर संशय, BJP विधायक गुरुग्राम से भोपाल रवाना

- in भोपाल/ म.प्र
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भोपाल

मध्‍य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्‍ट पर संशय बना हुआ है। मध्‍य प्रदेश विधानसभा ने बजट सत्र के पहले दिन की कार्यसूची में फ्लोर टेस्‍ट का उल्‍लेख नहीं है। रविवार शाम जारी कार्यसूची में सिर्फ राज्यपाल के अभिभाषण की बात कही गई है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट होगा। उधर, बीजेपी ने अपने सारे विधायकों को रविवार रात को ही गुरुग्राम से भोपाल रवाना कर दिया है।

मध्‍य प्रदेश बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इसे केंद्र बनाकर अपनी रणनीति तय कर रहे थे। सीएम कमलनाथ ने रविवार शाम 7 बजे अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई थी। कहा जा रहा था कि इस बैठक के बाद खुद कमलनाथ मीडिया के सामने आकर बयान देंगे। बैठक समाप्‍त होने के बाद कांग्रेस के किसी भी नेता ने इस पर सवालों का जवाब नहीं दिया। गृहमंत्री बाला बच्‍चन ने महज इतना कहा कि बैठक के दौरान बजट सत्र के बारे में चर्चा हुई।

फ्लोर टेस्‍ट पर शुरू से ही बना था भ्रम
मध्य प्रदेश में 16 मार्च को कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट पर संशय शुरू से ही बना हुआ था। एमपी विधानसभा के स्पीकर एनपी प्रजापति ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट होने के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया था। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में कल ही कोई फैसला लूंगा। दूसरी तरफ, राज्यपाल लालजी टंडन ने राज्य के राजीनितिक परिदृश्य को बेहद गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार यानि 16 मार्च को ही फ्लोर टेस्ट करवाने के लिए पत्र लिखा था।

शिवराज सिंह ने गुरुग्राम में बनाई थी रणनीति
मध्‍य प्रदेश के सियासी संकट के मद्देनजर बीजेपी ने गुरुग्राम के होटल आईटीसी ग्रैंड में अपने 106 विधायक ठहराए हुए थे। बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने रविवार दोपहर इन विधायकों से मुलाकात की और सोमवार को संभावित फ्लोर टेस्‍ट की रणनीति बनाई थी। इसके बाद रविवार रात को ही सभी विधायकों को भोपाल भेज दिया गया।

बागी विधायकों ने राज्‍यपाल को लिखा लेटर
वहीं सिंधिया खेमे के इस्तीफा दे चुके कांग्रेस के 22 बागी विधायकों में से भी ज्यादातर बेंगलुरु में ठहरे हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इन 22 विधायकों में से छह के त्यागपत्र शनिवार देर शाम को मंजूर कर लिए गए थे, जबकि 16 विधायकों के त्यागपत्र पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है। इन विधायकों ने रविवार शाम राज्‍यपाल को लेटर लिखकर अपने त्‍यागपत्र स्‍वीकार करने का अनुरोध किया कि जिस तरह उन्‍होंने 14 मार्च को 6 कांग्रेस विधायकों का इस्‍तीफा मंजूर किया था, उसी तरह उनका भी स्‍वीकार करें।

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